समन्वित बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) विभाग ने स्टाल लगाकर गेहूं, चावल, दूध, घी, दाल से बने गुलगुला, ढेकुआ के साथ आटा, सूजी, बेसन व मूंग का हलवा, बेसन, आलू, पालक और प्याज की पकौड़ी, बेसन के लड्डू सहित 13 प्रकार के व्यंजनों का प्रदर्शन कर लोगों को उसका उपयोग करने की सलाह दी। बताया गया कि गांवों में मौजूद पालक, बथुआ, सोया, मेथी, सहजन आदि आयरन सहित अन्य पोषक तत्वों से भरपूर हैंं।
सरकार के चार साल पूरे होने पर कृषि विभाग की ओर से सिरकोनी ब्लाक में स्टाल लगाकर विभिन्न विभागों ने अपनी चार वर्ष की उपलब्धियां बताईं गई। इस मौके पर आईसीडीएस ने भी अपना स्टाल लगाकर चार वर्ष के दौरान जिले को दी गई सेवाओं तथा सुविधाओं के बारे में बताया। सिरकोनी के बाल विकास परियोजना अधिकारी मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि इस चार वर्ष के दौरान आईसीडीएस ने 06 माह से तीन वर्ष के 6,197 बच्चों को, 03 से 06 वर्ष के 2,682 बच्चों को, 3,439 गर्भवती व धात्री को, 232 स्कूल न जाने वाली किशोरियों तथा 583 कुपोषित बच्चों को गेहूं, चावल, दाल, दूध और घी उपलब्ध कराया। चार वर्षों के दौरान 30 अति गंभीर कुपोषित (सैम) बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराकर उनका इलाज कराया। 2016-17 में 10 और 2018-19 में 10 आंगनबाड़ी केंद्र बनवाए। स्कूल नहीं जाने वाली 150 किशोरियों को प्रशिक्षण दिया। 200 आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-स्कूल का प्रशिक्षण दिया गया।

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