जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर‘‘ में आज ‘‘बालिकाओं के जन्म और शिक्षा का अधिकार के विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का अयोजन किया गया।

जौनपुर 11 जनवरी 2021 अक्षय मेल समाचार 
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार एवं माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर एम0 पी0 सिंह, की अनुमति एवं कुशल निर्देशन में ‘‘मध्यस्थता हाल, ए0डी0आर0 भवन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर‘‘ में आज ‘‘बालिकाओं के जन्म और शिक्षा का अधिकार  के विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का अयोजन किया गया।
इस अवसर पर मो0 फिरोज सिविल जज सी0डि0/प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बताया गया कि समाज को चलाने के लिए लड़की की उतनी ही जरूरत है जितना कि एक लड़के की, आज के समय में लड़कियां किसी भी क्षेत्र में लड़कों से कम नही है, वह पुरूषों के कन्धें से कन्धा मिलाकर चल रही है। अगर आज बेटी नही बचाओगे तो आने वाले भविष्य में बेटे कहाॅ से लाओगे। भारतीय समाज में लड़की को प्राचीन काल से शाप माना जाता है। यदि हम अपने दिमाग से सोचे तो यह सवाल उठता है कि ऐसा क्यों, तथ्य यह है कि लड़की के बिना लड़के/बच्चें की इस दुनिया में कल्पना नही की जा सकती। एक लड़की हमेश्अपने समाज के लिए आर्शीवाद बनती है, वास्तव में लड़कियां समाज की स्तंभ है। एक छोटी बेटी भविष्य में एक अच्छी बेेटी एक बहन एक पत्नी और एक माॅं हो सकती है। साथ ही पी0सी0पी0एन0डी0टी0 एक्ट की जानकारी देते हुए बताया गया कि गर्भधारण के पूर्व या बाद गर्भवती महिला का भ्रूण परिक्षण कराना दंडनीय अपराध है तथा उसके सजा के प्रावधानों के बारे में बताया गया। दिलीप कुमार सिंह एडवोकेट द्वारा कहा गया कि विभिन्न त्योहारों पर महिला देवी की पूजा की जाती है। फिर भी लड़कियों को कोख में मारा जाता रहा तो एक दिन धरती पर जीवन खत्म हो जायेगा, इसके खिलाफ महिलाओं को भी सक्रिय होना पडे़गा तभी भारत में एक अच्छे भविष्य की सोच और उम्मीद कर सकते है।
पैनल अधिवक्ता देवेन्द्र कुमार यादव, रिसोर्स पर्सन रंजीता शर्मा द्वारा विचार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का संचालन मनोज वर्मा एडवोकेट द्वारा किया गया।
इस अवसर पर वादकारी, पी0एल0वी0 एवं अन्य जन सामान्य के लोगउपस्थित रहे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ