सदैव प्रसन्न रहना ही परमात्मा की सर्वोच्च भक्ति - देवव्रत जी



दैनिक अक्षय मेल समाचार प्रयागराज

संवाददाता /शिव कुमार यादव



 मऊआइमा / तिलई बाजार घीनपुर में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया है l जिससे कथा वाचक बालशुक आचार्य देवव्रत जी महराज ने अपने मुखार बिंदुओ से मुख्य यजमान डॉ. दयाशंकर शुक्ल एवं श्रीमती रामा देवी व समस्त भक्तों के बीच भगवान के विवाह के साथ साथ भगवान के गृहस्थ जीवन व द्वारिका की समस्त लीलाओ पर चर्चा किया l 
और कहा कि भगवान के द्वारा दिए गए धन और बल का दुरूपयोग नही करना चाहिए। महिलाओ के लिए उसका पति ही उसके लिए भगवान होता है संसार में ऐसा जीवन यापन कमल की तरह करनी चाहिए  l कमल कीचड़ में होता है पर सम्बन्ध सूरज से रखता है। जिस दिन सूरज नही उगता , उस दिन कमल भी नही खिलता है। इसी तरह हमें संसार मे रहकर, अपने रिश्ते, कर्तव्यों को ईमानदारी के साथ निभाते हुए, हमें मानव जीवन के कल्याण की ओर चलना है l इस मौके पर राजेश कुमार शुक्ल,पूर्व विधायक प्रभा शंकर पान्डे, शारदा प्रसाद शुक्ल, मऊआइमा ब्लॉक प्रमुख सुधीर मौर्य ,अशोक विश्वकर्मा, आलोक भूषण ,दिनेश मौर्या,संदीप सरोज,शिव पूजन अग्रहरि ,अजय जयसवाल, जितेन्द्र प्रसाद समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

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