प्रतिमा स्थापना रोक से प्रतिमा कलाकार हुए बेहाल



अक्षय मेल समाचार


मनीष कुमार यादव





रानीकीसराय आजमगढ़
 कोरोना काल मे शासन की जारी गाइडलाइन से उन कलाकारों के समक्ष संकट खडा हो गया है जो स्थिति राहत भरी होने पर उम्मीद से प्रतिमा निर्माण में लग गये थे कि मेले भले न लगे लेकिन पूजन के लिए प्रतिमाएं स्थापित होगी परन्तु शासन की गाइड लाइन से सब धरा का धरा रह गया।कलाकार अब अपनी डूबती लागत को लेकर बेहाल है।
 कोराना संक्रमण के चलते पहले से ही सभी त्योहारों पर ग्रहण लग गया।गणेश पूजन से लगायत जन्म अष्ठमी.मोहर्रम आदि पर रोक लगी।दुर्गा पूजन पर चूकि मेले की शुरुआत हो जाती है लिहाजा छ माह पूर्व से ही प्रतिमा ए बनती रही है।कोरोना के चलते ही पश्चिम बंगाल के कलाकार अगस्त माह मे आये भी तो नाम मात्र लेकिन इनके आने से पहले ही स्थानीय कलाकारों ने प्रतिमा निर्माण शुरू कर दिया था।कलाकारों को उम्मीद थी की राहत मिलेगी तो सार्वजनिक भीड भाड के आयोजन भले न हो लेकिन प्रतिमाएं स्थापित होगी तो आयोजक प्रतिमा लेगे जरूर।सामान्यतया एक कलाकार ने पचास से सत्तर प्रतिमा बना चुके है।इसमे काफी खर्च भी आया।इधर शासन की गाइडलाइन जारी होते ही पूजा कमेटी के लोगो ने भी कोई आयोजन की तैयारी नही की ऐसे मे कलाकारों को अब अपनी लागत डूबती नजर आ रही है।प्रतिमा निर्माण में लगे अरविंद पटेल. मनोहर राजीव.आदि ने कहा की मुख्य मार्ग से ही प्रतिमा निर्माण दिखाई दे रहा था प्रशासनिक अमले ने कभी रोक नही लगाई।जबकि दशहरा मेले के लिए प्रतिमा छ माह पहले से बनती है जबकि गाइड लाइन एक पखवाड़ा पहले जारी हो रही है।अगर प्रतिमाएं नही गयी तो एक कलाकार के पाच से दस लाख डूबेगा।जबकि कस्बे के अलावा लालगंज. शहर.मेहनगर. समेत कई जगहो पर निर्माण चल रहा है।मामले को लेकर जिलामुख्यालय से लेकर मुख्यमंत्री तक गुहार लगायेगे।मेले न लगे परन्तु पूजन जरूर हो।

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