रायबरेली! उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन शाखा रायबरेली द्वारा माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश का जिसमें रेलवे की कीमती जमीनों पर किए गए अतिक्रमण को हटाने का स्वतः संज्ञान लेते हुए आदेश पारित किया जिसका उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन संगठन ने समर्थन किया ,जिसमें रेल विभाग के ही अधिकारी संलिप्त पाए गए। रेल प्रशासन ने संबंधित विभाग व अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही ना करने के बजाए संगठन के पदाधिकारियों के खिलाफ दुर्व्यवहार का आरोप लगाकर कार्यवाही कर दी। इसी के विरोध में संगठन अनिश्चितकाल के लिए धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य हुआ। जब तक पदाधिकारियों पर हुए दुर्व्यवहार के आरोप जिसमें ट्रांसफर एवं चार्जशीट शामिल है वापस नहीं किए जाते एवं संबंधित विभाग के अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही एवं अतिक्रमण की गई जमीन एवं रेलवे राजस्व नियमावली के आधीन उस जमीन को खाली नहीं कराया जाएगा तब तक संगठन निरंतर धरना प्रदर्शन करेगा जिसमें माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार श्री नरेंद्र मोदी जी के भ्रष्टाचार मुक्त रेल के सपने को साकार करने का संगठन कार्य करता रहेगा। माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश की अवहेलना करना यह दर्शाता है कि भ्रष्टाचार की जड़ें बहुत मजबूत है और वह माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश को रेल प्रशासन के अधिकारी अपमानित करने का कार्य कर रहे हैं।उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन संगठन यह किसी हालत में बर्दाश्त नहीं करेगा कि देश की उच्चतम न्यायालय को अपमानित करें ।संगठन में मंडल के पदाधिकारी श्री सुभाष श्रीवास्तव मंडल उपाध्यक्ष ,चारबाग से विद्युत शाखा के शाखा मंत्री श्री अतुल श्रीवास्तव ,सहायक शाखा मंत्री विद्युत शाखा श्री अरविंद लांबा व अन्य मंडल स्तर के पदाधिकारी मौजूद रहे ।इस मौके पर शाखा रायबरेली के शाखा मंत्री लवकुश सोनकर शाखा अध्यक्ष दिनेश दिनेश सिंह भूपेंद्र सिंह जितेंद्र कुमार महेश कुमार , सत्येंद्र तिवारी , अनिल कश्यप विकास गौतम ए के आनंद मोहम्मद इरफान अंसारी आईबी सिंह शिव शंकर अमन सोनकर विशाल सोनकर आदि मौजूद रहे।*

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