बछरावां डाक घर में आधार कार्ड बनवाने को लेकर दलालों व साइबर कैफे वालों का जमावड़ा



नीलम ब्यूरो अक्षय मेल समाचारपत्र




बछरावां रायबरेली- सुबह से ही लंबी-लंबी कतारों में लाइन लगाकर आधार कार्ड बनवाने के लिए कम उम्र के नौनिहालों से लेकर वृद्धों तक कई दिनों गणेश परिक्रमा के बावजूद भी आधार कार्ड नहीं बन पा रहे हैं आलम तो यह है महीनों इंतजार के बाद बमुश्किल से डाक घर में आधार कार्ड बन भी जाते हैं तो वितरण नहीं होता है इसका उदाहरण आज देखने को मिला कि डाक सर्वेक्षण सूरज चौरसिया द्वारा पूर्व में बने महीनों से पड़े बोरी में बंद आधार कार्ड मिले जिसकी शिकायत पोस्ट मास्टर ग्रीशा से की गई तो उन बने आधार कार्ड की छपाई कराई गई लेकिन बछरावां में तैनात पोस्टमैन धर्मराज पर कोई कार्यवाही नहीं की गई वही लोगों में चर्चा है कि पोस्टमैन द कार्ड ना बांटकर आधार कार्ड बनवाने की सेटिंग वेटिंग में साइबर कैफे वालों से मिलकर खुलेआम 300 से ₹500 गरीब स्कूली बच्चों विधवाओं से जबरिया वसूली की जा रही हैं डाक घर के बाहर दलालों का और साइबर कैफे वालों का जमावड़ा रहता है गांव से आने वाले भोले भाले लोगों को  आधार कार्ड बनवाने और संशोधन के नाम पर गुमराह करके कभी मशीन खराब के नाम पर सभी स्टाफ न होने एक कमी बताकर और अत्यधिक भीड़ के कारण लोग परेशान हो रहे हैं लेकिन डाक विभाग के उच्चाधिकारियों उदासीनता के कारण आम जनमानस परेशान है आलम यह है कि सुबह से ही सैकड़ों की कतारों में लोग लाइन पर लग जाते हैं और आधार बनने की प्रक्रिया 2:00 बजे के बाद ग्रामीण पोस्ट मैन के आने पर केवल 2 घंटे ही की जाती है वही लोगों ने कई बार उच्चाधिकारियों से मांग की है कि सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक परमानेंट स्टाफ रखकर आधार कार्ड बनवाने की लगातार मांग को अधिकारी नजरअंदाज कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ तैनात पोस्ट अधीक्षक का भीड़ को गुमराह करने के लिए जब कोई आधार कार्ड बनवाने वाला पूछता है कि आधार कार्ड बनाने वाले कब आएंगे तो मैडम द्वारा कहा जाता है कि बनाने वाले को कोरोनावायरस हो गया है इस तरह लोगों को गुमराह करना यह आम बात हो चुकी है।

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