अभिनंदन हिन्दी

माणिक,मोती,कंचन  हिन्दी 
तिलक राष्ट्र का चंदन हिन्दी 

अपनो  से भी अपनी लगती 
रेशम  सा एक  बंधन  हिन्दी 

श्रेष्ठ , सरल ,सुंदर, संस्कारी 
मिश्री  सा  सम्बोधन  हिन्दी 

भाषाओं  के  वन-उपवन मे 
सरस  और  सम्मोहन हिन्दी 

विश्व  चेतना  बन  मुस्काती 
हृदय  से  अभिनंदन  हिन्दी 



      शुभम श्रीवास्तव ( साहित्यकार ) 
        नौबस्ता, सांगीपुर, प्रतापगढ़

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