- पोषक तत्वों का अधिक उपयोग करें महिलाएँ---सीडीपीओ
शुकुल बाजार अमेठी --सरकार ,राज्य पोषण मिशन के माध्यमसेबच्चों ,किशोरियों,महिलाओं को कुपोषण -मुक्त बनाने के लिए कटिबद्ध है जिसके लिए पोषण माह चलाया जा रहा है जिसमें आंगन बाडी कार्यकत्रियों का दायित्व है कि डोर टू डोर जाकर गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करें शासन द्वारा चलाये जा रहे पोषण माह के अन्तर्गत अति कुपोषित,आंशिक कुपोषित बच्चों को चिन्हांकित करके सम्बन्धित स्वास्थ्य केन्द्र पर जाँचोपरान्त कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्रों पर उपचार कराने हेतु सुनिश्चित किया जाना है। क्षेत्र में अति कुपोषितों व आंशिक कुपोषितों का विवरण देते हुए सीडीपीओ विनय सिंह ने बताया कि अति कुपोषित -51तथा आंशिक कुपोषितों की संख्या -658 है जिन्हे पोषाहार आंगन बाडी कार्यकत्री द्वारा वितरित किया जा रहा है अति कुपोषितों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया है। परन्तु ग्रामीणों की मानें तो आंगन बाडी कार्यकत्री गाँवों में बहुत कम आती हैं। किशोरियों को दिया जाने वाला पोषाहार वितरित नही किया जाता है।पोषण माह के अन्तर्गत चिन्हित किये गये बच्चों उपचार व्यवस्था शिथिलता का रूप लिए हुए है। बानगी के तौर पर जलाली बला पुर ग्राम पंचायत अन्तर्गत सहाब गढ निवासी विरजेन्द्र कुमार पासी की लगभग छ:वर्षीय बालिका महक का स्वास्थ्य परीक्षण स्वास्थ्य केन्द्र बाजार शुकुल में कराया गया था जिसके ह्रदय में कुछ कमी होने बात उभर कर जाँच में आई जिसकी जाँच होने के बाद भी बालिका के उपचार की व्यवस्था होती नही दिख रही है ऐसे में देखा जाये तो अति कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति शिथिलता कहीं न कही जरूर व्यवधान बनी हुई है।
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