वर्षों से गणेश परिक्रम के बाद अधिकारियों कि खाऊ कमाऊ नीति के कारण नहीं मिल रहा किसान सम्मान निधि योजना का लाभ

वर्षों से गणेश परिक्रम के बाद अधिकारियों कि खाऊ कमाऊ नीति के कारण नहीं मिल रहा किसान सम्मान निधि योजना का लाभ


नीलम ब्यूरो/ रिपोर्ट शिवम् पटेल दैनिक अक्षय मेल समाचारपत्र रायबरेली

बछरावां रायबरेली- प्रधानमंत्री की अति महत्वाकांक्षी योजना किसान सम्मान निधि योजना को सरकारी नौकरशाहों की बेलगाम कार्यशैली से मेहनत करने वाले मजदूर गरीब असहाय किसानों को किसान सम्मान योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। बछरावां नगर से लेकर क्षेत्र के हजारों की संख्या में पात्रों को किसान सम्मान योजना की पात्रता के बावजूद भी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। आलम तो यह है जब से यह योजना चालू हुई है तब से अब तक हजारों किसानों ने कई कई बार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराएं लेकिन आज तक किसान सम्मान योजना का लाभ नहीं मिला है। वहीं दूसरी तरफ विकासखंड बछरावां से लेकर जिले के आला अधिकारी इन गरीब किसानों की गणेश परिक्रमा और क्षेत्रीय लेखपालों द्वारा बगैर जांच किए अपात्र करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। वही वर्षों से जमे राजकीय कृषि बीज भंडार प्रभारी वीरेंद्र सिंह द्वारा विकासखंड की दर्जनों ग्राम सभाओं से प्रतिदिन आने वाले सैकड़ों की संख्या में किसान सम्मान निधि योजना के पात्र किसानों को प्रभारी द्वारा ऑनलाइन आधार कार्ड बैंक खाता और खतौनी मैं त्रुटि और लेखपालों के द्वारा अपात्र बता कर गणेश परिक्रमा करवाई जा रही है। जबकि प्रभारी द्वारा गलत जानकारी देकर बाहर की दुकानों पर ऑनलाइन दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने और संशोधन करने के लिए किसानों को बाध्य किया जाता है। जबकि केंद्र पर उपस्थित संविदा कर्मी कंप्यूटर ऑपरेटर अनंत कुमार सिंह का आलम तो यह है कि सप्ताह में मुश्किल से एक-दो दिन घंटे भर के लिए आते हैं और किसानों से प्राप्त जानकारी के अनुसार आनंद कुमार सिंह ग्राम उचौरी विकासखंड बछरावां के मूल निवासी हैं इनकी तैनाती लालगंज तहसील में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर है लेकिन विभागीय सांठगांठ के कारण वर्षों से जमे हुए हैं और स्थानीय होने के कारण किसानों पर रौब भी झाड़ते हैं। लेकिन प्रभारी और जिले के आला अधिकारी कोई कार्यवाही नहीं करते हैं। जब पत्रकारों ने किसान सम्मान निधि योजना के बारे में किसानों से उनकी समस्या के बारे में जानकारी ली तो किसान नंदकुमार निवासी कन्नावा ने बताया कि तीन माह से ऊपर किसान सेवा केंद्र में कई बार लगातार किसान सम्मान निधि योजना का लाभ पाने के लिए प्रभारी से मिले जो भी कागजात मांगे गए उनको दिया। लेकिन जबसे योजना चालू हुई है तब से अब तक लाभ नहीं मिला। वही रैन गांव के किसान जगदीश कुमार ने बताया कि छः माह पूर्व दोबारा ग्राम प्रधान को और लेखपाल को खसरा खतौनी और बैंक खाता के पेपर दिए। लेकिन आज तक योजना का लाभ नहीं मिला। इसी तरह थुलेंडी गांव के किसान ने बताया कि एक वर्ष पूर्व ऑनलाइन आवेदन कराया था लेकिन योजना का लाभ नहीं मिला। इसी तरह इचौली ग्राम सभा के राजाखेड़ा निवासी राजेश, शिवप्रसाद, सुरेश कुमार, ग्राम राजा खेड़ा मजरे इचौली और विकासखंड बछरावां के ग्राम सेंहगो पूरब गांव की विधवा कमला देवी पत्नी स्वर्गीय राम प्रसाद ने दो माह पूर्व ऑनलाइन आवेदन किया लेकिन आज तक किसान सम्मान योजना का लाभ नहीं मिला। वही विडंबना तो या है कि विकासखंड के अधिकारी से लेकर जिले के आला अधिकारी किसानों को इस समस्या से कोई लेना देना नहीं है। जिनको जिम्मेदारी दी गई है लेकिन तैनात नौकरशाह सरकारी आदेश की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। और किसान गणेश परिक्रमा लगाकर किसान सम्मान योजना का लाभ पाने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है।

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