आवारा जानवर आतंक से किसानों की फसलें हो रही तबाह तथा किसान भुखमरी के कगार पर
नीलम ब्यूरो/रिपोर्ट शिवम् पटेल, दैनिक अक्षय मेल समाचारपत्र रायबरेली
बछरावां रायबरेली कोविड-19 वैश्विक महामारी से आम जनमानस परेशान है और वहीं दूसरी तरफ आवारा जानवरों से किसानों की धान की फसल को सैकड़ों का झुंड नस्ट कर रहे हैं।आलम तो यह है कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के नित नए कोरे आश्वासन के सहारे दोगुनी आए की जा रही है।जबकि सच्चाई तो यह है कोविड-19 महामारी के दौरान किसान एक-एक पाई के लिए मोहताज हो चुका है।और रोजी रोटी नौकरी पेशा भी बंद होकर लोग भुखमरी के कगार पर पहुंच चुके हैं।दूसरी तरफ आवारा जानवरों से खेतों की रखवाली करने में रात दिन की चौकीदारी करने के बावजूद भी पलक झपकते ही यह सांडों के झुंड चट कर साफ कर रहे हैं।वही आवारा जानवरों को रखवाली के समय खेतों से हटाने पर यह सांड किसानों पर प्राणघातक हमला करते हैं।जिसकी घटनाएं आए दिन समाचार पत्रों में प्रकाशित भी होती हैं।लेकिन सरकार और उनके मातहत इस समस्या से निजात के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।जबकि प्रदेश सरकार ने वर्षों पूर्व से हर ग्राम सभा में स्थाई गौशाला और अस्थाई गौशाला बनाकर निजात दिलाने की कोरे आश्वासन दे रही है।लेकिन धरातल पर या योजना टाय,टाय फिश है।बछरावां क्षेत्र व नगर के दर्जनों किसान शिवकुमार चौधरी,राजकुमार, रामकिशोर चौधरी सभासद सी के वर्मा,मुन्नू चौधरी,दुर्गा प्रजापति, संदीप कुमार,प्रेम नारायण,शैलेंद्र गौतम,अनुराग सिंह, विमल चौधरी सहित सैकड़ों किसानों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि आवारा जानवरों से किसानों की फसलों तबाही को तत्काल रुकवाया जाए और इन आवारा जानवरों को पकड़वा कर गौशालाओं में भिजवाया जाए ताकि धान की फसल बचाई जा सके।

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