आइवर्मेक्टिन-12एमजी दवा कोविड-19 कोरोना संक्रमण से बचाव व इलाज दोनों में काम आती है डाक्टरों की सलाह से करे प्रयोग: वैभव
कोरोना संक्रमण के रोकथाम व बाढ़ राहत कार्यो में जनपद अग्रसर: वैभव
नीलम ब्यूरो दैनिक अक्षय मेल समाचारपत्र रायबरेली
रायबरेली 23 अगस्त, 2020
जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने कोविड-19 संक्रमण रोकथाम व बचाव आदि से सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए कि होम आइसोलेशन सहित कोविड-19 मरीजों से प्रतिदिन समय-समय पर उनके स्वास्थ्य के बारे में हाल-चाल लेकर उनके कुशलक्षेम पूछा जाये तथा उनकी जानकारी कमाण्ड सेन्टर को भी दी जाये। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा कोविड-19 के संक्रमण से रोकथाम व बचाव हेतु किसी भी प्रकार की कोई भी दिक्कत हो तो उसे तत्काल दूर करें। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से बचाव व जागरूकता के लिए सरकार के पास किसी भी प्रकार से धन की कोई कमी नही है। कोविड-19 के चिकित्सालयो में जहां पर बेड की कमी हो तो उसको बढ़वा लिया जाये। सभी बेडों पर आक्सीजन व वेनटीलेटर मल्टी पैरामाॅनीटर, हाईफ्लो नेजल कैनुला मशीन, बाइपेंप मशीन आदि सहित सभी जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता में कमी न हो। शासन व प्रशासन द्वारा दी जा रही सुविधाओं को कोरोना मरीजों को अवश्य दें तथा उन्हें मरीजों व आमजनमानस को अवगत कराया जाये कि शासन व प्रशासन उनके साथ में हैं कोरोना से किसी प्रकार से घबराने व डरने की जरूरत नही है। शासन व स्वास्थ्य प्रोटोकाॅल द्वारा दिये गये निर्देशों का पालन करके कोरोना वायरस से बचा जा सकता है पूरे तरह से स्वस्थ रह सकते हैं।
जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी व मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये है कि कोरोना की जांच बढ़ाई जाए जांचे अधिक होने से कोरोना के अधिक केस भी बढ़ की सम्भावना रहती है। इससे घबराने की जरूरत नहीं, ऐसे में सभी लोगों को सतर्क व सुरक्षित रहने की जरूरत है कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सभी को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना चाहिए। किसी भी प्रकार के आयोजन में दूरी बनाएं रखने की जरूरत है। कोविड-19 कोरोना वायरस के संक्रमण को खत्म करने के लिए हमें सरकार की ओर से बनाए गए नियमों का कड़ाई से पालन करना चाहिए और एक नागरिक के रूप में अपना सहयोग करना चाहिए हम सभी के सहयोग से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन व मास्क का प्रयोग, 2 गज की दूरी मास्क है जरूरी आदि से इस विपदा से शीघ्र ही निजात पा सकते हैं। जिन क्षेत्रों में कोरोना के मरीज ज्यादा ही मिले है वहां संघन जांच कराई जाये।
जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने कोविड-19 कोरोना वायरस से बचाव और रोकथाम हेतु निर्देश दिए कि जनपद में संचालित इंटीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड सेंटर पूरी सक्रियता से कार्य करें। कमाण्ड सेंटर में किसी भी प्रकार की कोई कमी ना रहे इस पर निरंतर सतर्कता की जरूरत है। कमाण्ड सेंटर से होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों का हाल-चाल प्रतिदिन लिया जाए। कोविड-19 कोरोना ड्यूटी में लगे सम्बन्धित अधिकारी/कर्मचारी कोविड-19 चिकित्सालयों की साफ सफाई, खान-पान, मरीजों से बातचीत प्रतिदिन कर इसकी सूचना सही-सही सम्बन्धित अधिकारी के साथ ही कंट्रोल रूम को भी देंगे।
जिलाधिकारी ने सीएमओं, सीएमएस व एमओआईसी को निर्देश बताया है कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के प्रभाव को रोकने के उद्देश्य से डाक्टरों द्वारा आइवर्मेक्टिन-12एमजी नामक टैबलेट खाने की सलाह दी जा रही है। उक्त टैबलेट काफी हद तक कोविड-19 महामारी से बचने मे मददगार है। उन्होंने निर्देश दिये कि आइवर्मेक्टिन-12एमजी दवा की पूरी जानकारी रखते हुए आम जन मानस से अपील है कि उक्त टैबलेट का नियामानुसार प्रयोग करायें। सीएमओं ने दवा खाने की विधि आदि के बारे में विस्तार से बताया गया है कि कोरोना वायरस संक्रमित रोगी के सम्पर्क में आये व्यक्तियों में रोग के सम्भावित संक्रमण से बचाव हेतु पहले व सातवें दिन रात्रि भोजन के 2 घण्टे उपरान्त व्यस्क व्यक्तियों को औसतन आइवर्मेक्टिन-12एमजी की एक टैबलेट खानी चाहिये। कोविड-19 के उपचार एवं नियन्त्रण में कार्यरत स्वास्थ्य कार्मिकों को पहले 7वें व 30वें दिन तथा आवृत्ति क्रम में प्रतिमाह में एक बार आइवर्मेक्टिन-12एमजी नामक टैबलेट खाने की सलाह दी जा रही है। उपचार हेतु कोविड-19 ( ¼Asymptomatic or Mild Symptomatic½ ) पुष्ट रोगियों को प्रथम तीन दिन तक रात्रि में भोजन के 02 घण्टे उपरान्त आइवर्मेक्टिन-12एमजी तथा साथ ही डाक्सीसाइक्लीन 100एमजी दिनं में 2 बार 5 दिन तक देनी चाहियें।
उक्त दवा को गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा 02 वर्ष के कम आयु के बच्चों को आइवर्मेक्टिन-12एमजी टैबलेट नहीं दी जानी है। गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा 12 वर्ष के कम आयु के बच्चों को डाक्सीसाइक्लीन 100एमजी टैबलेट नहीं दी जानी है।
जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने कहा कि जनपद में कोरोना संक्रमण से बचाव व रोकथाम हेतु व बाढ़ पीड़ितों के लिए जनपद अग्रसर निरन्तर रहे। उन्होंने सीडीओं, एडीएम, समस्त एसडीएम, एमओआईसी, बीडीओं आदि अधिकारियों को निर्देश दिये कि पूरी तरह से सर्तक व तत्पर रहकर शासन व प्रशासन के निर्देशांे का कड़ाई से अनुपालन कराते हुए लोगों को जागरूक करें।

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