घाघरा नदी का जलस्तर घटने के बाद ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

घाघरा नदी का जलस्तर घटने के बाद ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

अक्षयमेल समाचार
पंकज शुक्ला


बाराबंकी। घाघरा नदी का जलस्तर घटने के बाद ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। लगभग 1 सप्ताह पूर्व बाढ़ का पानी गांव से उतरकर नदी में चला गया जिससे ग्रामीणों नें राहत की सांस ली थी। 3 दिन पूर्व अचानक घाघरा नदी ने रौद्र रूप धारण कर विनाश लीला शुरू कर दिया। गांवों में कटान तेज होते ही लोगों में दहशत का माहौल बन गया है अब तक सैकड़ों बीघा कृषि योग्य भूमि नदी में समाहित हो चुकी है। सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम गोबरहा में भयानक रूप से हो रहे कटान से यहां के ग्रामीण काफी परेशान हैं। ग्रामीण रविनंदन द्विवेदी के मकान के पास तेजी से हो रहे कटान से उनका परिवार काफी भयभीत है। इनका कहना है कि यदि इसी तरह नदी कटान करती रही तो एक-दो दिन में पूरा मकान नदी में समा जाएगा और यह लोग बेघर हो जाएंगे ग्रामीण लव कुश राहुल अशोक आदि ने बताया कि 3 दिनों में उनके गांव की सैकड़ों बीघा जमीन नदी में कटकर समाहित हो गई है। कटान लगातार चल रही है प्रशासन द्वारा बचाव को लेकर अब तक के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं बाढ़ खंड के अधिकारी भी गांव में झांकने नहीं आए हैं। कटान की विभीषिका झेल रहे गांव में सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ लगी हुई है जो कटान को देखकर अपने भविष्य को लेकर काफी परेशान हैं।तहसील प्रशासन द्वारा क्षेत्र के लोगों को राहत पहुंचाने के लिए बनाई गई बाढ़ राहत चौकी सनावा वीरान पड़ी हुई है यहां पर कोई अधिकारी कर्मचारी ग्रामीणों की समस्याएं सुनने वाला नहीं है ।इस संबंध में तहसीलदार अखिलेश कुमार सिंह ने बताया की कटान की सूचना मिली है बाढ़ खंड के अधिकारियों को राहत कार्य के लिए निर्देशित किया गया है।

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