घाघरा का जलस्तर बढ़ा गरीबों के आशियाने डूबे
अक्षयमेल समाचार
पंकज शुक्ला
बाराबंकी।बैराजों से छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी के चलते घाघरा की लहरों का उफान शबाब पर है तहसील सिरौलीगौसपुर क्षेत्र की करीब पांच हज़ार की आबादी बाढ़ के सैलाब में फंस गई है।
सड़कों पर पानी फैल जाने से आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है सैकड़ों बीघे फसल डूब गई है बाढ़ पीड़ितों ने पालतू पशुओं को छोड़ दिया है हैंड पंप पानी में डूब गए हैं घरों में पानी भर गया है लोग जिंदगी बचाने के लिए बांध और छतों का सहारा ले रहे हैं।
प्रशासन अभी भी नींद में है राहत और बचाव के लिए प्रयास शुरू नहीं किए गए हैं बाढ़ राहत केंद्रों पर सुविधाएं तो दूर नांव तक का भी बंदोबस्त नहीं है। जबकि बीते माह नोडल अधिकारी ने क्षेत्र का दौरा कर के अधिकारियों को राहत एवं बचाव के मुकम्मल इंतजाम करने के निर्देश दिए थे।
सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के सनावा भौंरीकोल कहानपुरवा बघौली पुरवा गोबरहा इटौहुआ पूरब करोनी तेलवारी सरदहा ढे़कवा परसा सिरौलीगौसपुर गुंग आदि तमाम गांव जलमग्न हो गए हैं। वहीं अलीनगर रानीमऊ तटबांध में बने साइफनों के वाल खराब होने के चलते बांध के इस पार भी दर्जनों गांव बाढ़ जैसी गंभीर समस्या से घिरे हुए हैं। घाघरा की तलहटी से लेकर बांध के इस पार तक हजारों बीघा भूमि जलमग्न हो गई है जिससे किसानों की फसलें डूब कर बर्बाद हो रही हैं।
बीते दो दिनों से लगातार बढ़ रहे घाघरा के जलस्तर के बाद शुक्रवार को तहसील प्रशासन के अधिकारियों ने बाढ़ क्षेत्र का दौरा करके स्थिति का जायजा लिया है। इस संबंध में तहसीलदार अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि गांव से बाहर आ रहे बाढ़ पीड़ितों को तिरपाल पन्नी एवं अन्य राहत सामग्री दी गई है वहीं नावों का भी उचित प्रबंध किया गया है।

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