साहिबाबाद के एटलस कंपनी के प्लांट की स्थापना 1989 में हुई थी और इसमें एक हज़ार से अधिक लोग काम करते थे। यहां हर महीने तकरीबन दो लाख साइकिलों का प्रोडक्शन होता था।
कंपनी ने अपने गेट पर लगाए नोटिस में आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए कहा कि कंपनी के पास खर्च चलाने और सामान खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं। यह नोटिस अनलॉक-1 के एलान के दो दिन बाद लगा। इससे पहले एटलस साइकिल की फैक्ट्री लॉकडाउन के चलते 25 मार्च से बंद थी।
कंपनी के गेट पर अचानक लगे नोटिस का पता कर्मचारियों को तब चला जब वे अनलॉक-1 के बाद दो दिन कंपनी में काम कर चुके थे लेकिन तीसरे दिन पहुंचे तो गेट पर नोटिस देखकर हैरानी हुई। कर्मचारियों को इस बात का मलाल है कि कंपनी बंद होने के कारण उन्हें फिर से नौकरी तलाश करनी होगी।



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