रसूखदारो की बदौलत स्टोर कीपर बना कलेक्ट्रेट में बाबू, एरियर भुगतान में चैयरमैन का स्टोर कीपर पर रहम ,कोरोना योद्धाओ पर सितम। कलेक्ट्रेट का तथाकथित बाबू नगर कर्मियों के लिए मुसीबत तो चेयरमैन के लिए वरदान।

रसूखदारो की बदौलत  स्टोर कीपर बना कलेक्ट्रेट में बाबू,

एरियर भुगतान में चैयरमैन का स्टोर कीपर पर रहम ,कोरोना योद्धाओ पर सितम।

 कलेक्ट्रेट का तथाकथित बाबू नगर कर्मियों के लिए मुसीबत तो चेयरमैन के लिए वरदान।


अक्षय मेल समाचार।
मुसाफिरखाना/अमेठी। नगर पंचायत मुसाफिरखाना में स्टोर कीपर के पद पर   नियुक्त  कर्मी बीते 2010 से रसूखदारो व चेयरमैन की मेहरबानी से कलेक्ट्रेट में बाबू बन कामकाज निपटा रहा है। बीते दिनों लिपिक सहित लगभग आधा दर्जन कर्मियों के सेवानिवृत्त होने के कारण नगर पंचायत कार्यालय का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है वहीं दूसरी तरफ एरियर भुगतान जैसी मांगों को लेकर सफाई कर्मियों ने ज्ञापन के माध्यम से ईओ के समक्ष अपनी बात रखी थी जिसका निस्तारण तो नहीं हो सका लेकिन रसूखदारो के चलते नगरकर्मी जांच की जद में जरूर आ गये।  दूसरी तरफ  चेयरमैन के चहेते स्टोर कीपर से बना कलेक्ट्रेट में बाबू का एरियर भुगतान हो गया तो अन्य नागरकर्मियों का क्यो नही ? ।


विदित रहे कि नगर पंचायत मुसाफिरखाना में स्टोर कीपर के पद पर नियुक्त चंद्रशेखर  शुक्ला रसूखदारो की बदौलत नवसृजित जनपद अमेठी में नियम कानून को ताक पर रखते हुए कलेक्ट्रेट में बाबू बन बैठे जबकि वेतन व एरियर जैसे भुगतानो को नगर पंचायत मुसाफिरखाना से प्राप्त कर रहे है। बताना मुनासिब होगा कि विगत दिनों कोरोना योद्धाओं की भूमिका मे  कार्य कर रहे सफाई कर्मियों ने वर्षो से लम्बित एरियर भुगतान को लेकर अधिशासी अधिकारी सहित उच्च अधिकारियों को संबोधित ज्ञापन देकर अपनी बात रखी थी जिसका निस्तारण तो नहीं हो सका किन्तु चेयरमैन बृजेश गुप्ता के कोप भाजन का शिकार जरूर बन बैठे। अपने राजनैतिक  वर्चस्व को कायम रखने के उद्देश्य से अध्यक्ष नगर पंचायत बृजेश गुप्त ने शासन व प्रशासन को प्रार्थना पत्र  देकर नगर पंचायत कर्मियों को जांच के जद में ला दिया जिसकी जिला प्रशासन स्तर पर जांच चल रही है। सवाल उठता है की एरियर भुगतान जैसी मांगों को लेकर ज्ञापन देने पर सफाई कर्मियों को  जांच की जद में आना पड़ा वही चैयरमैन के चहेते नगर पंचायत में  स्टोरकीपर के  पद पर नियुक्त  कलेक्ट्रेट में बने तथाकथित बाबू चंद्रशेखर शुक्ला का एरियर भुगतान मार्च 2020 में ही कैसे हो गया ? । सूत्रों की माने तो चेयरमैन चहेता स्टोर कीपर से   कलेक्ट्रेट में बना तथाकथित बाबू  अधिकारियों को गुमराह करने में माहिर नगर पंचायत कर्मियों के लिए मुशीबत बना वही चेयरमैन के लिए वरदान साबित हो रहा है ।

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