जौनपुर। जिलाध्यक्ष सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश शाखा जौनपुर सी0बी0 सिंह ने बताया कि 27 जून 2020 को सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश शाखा जौनपुर की ऑनलाइन बैठक जनपद अध्यक्ष सी0बी0 सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष सीबी सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश कोविड-19 से लड़ रहा है। सरकार ने दैवी आपदा में वित्तीय प्रबंधन में धन की कमी बताकर पेंशनर कर्मचारियों, शिक्षकों को जनवरी 2020 में देय महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत, आठ भत्ते की कटौती की है। इन सबके बावजूद पेंशन का सारा काम कोषागार से छीनकर स्टेट बैंक को देने की तैयारी कर रही है। प्रदेश के कुल 13 लाख पेंशनरों के लिए सरकार को इस काम के बदले हैण्डलिंग चार्ज के रूप में 200 करोड़ रूपया बैंक को देना होगा। वित्त विभाग की यह मंशा उत्तर प्रदेश सरकार के भ्रष्टाचार जीरो टॉलरेंस के विपरीत परिलक्षित हो रही है, जो जांच का विषय है यह कितना हास्यास्पद है कि एक और वित्तीय संशोधनों की कमी का रोना रोकर उत्तर प्रदेश सरकार कर्मचारी, शिक्षकों की महंगाई भत्ता एवं आठ प्रकार के भत्ते तथा पेंशनरों को देय महंगाई राहत का भुगतान बंद कर दिया है, वहीं दूसरी ओर पेंशनरों के पेंशन भुगतान की प्रक्रिया कोषागार से लेकर बैंक को देखकर अनावश्यक करोड़ों रुपए का व्ययभार प्रदेश पर डाला जा रहा है।


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