लॉक डाउनलोड में अपराधियों को पुलिस से मिली छूट , बदमाशों ने किसान नेता की गोली मारकर की हत्या।




अमेठी /विधि ब्यूरो की रिपोर्ट

लॉक डाउन में  अमेठी में आधा दर्जन के करीब हत्या ,पुलिस प्रशासन पूरी तरह फेल।आम आदमी का जीना मुहाल।पुलिस को लगा भ्रष्टाचार का घुन।कर्तव्य छोड़ धन उगाही को बनाया पेशा।अमेठी में पुलिस संविधान को करती है तार - तार।धन उगाही में 36 घंटे से एक सप्ताह तक रखती है कैद । मुल्जिम को अदालत में ले जाने के लिए लेती है डीज़ल पेट्रोल के लिए  पैसे ।अमेठी की पुलिस अधीक्षक  महिलाओं से भी नही करती है बात।ग्राउंड जीरो पर पुलिस अधीक्षक का नही है नियंत्रण ।

 अमेठी थाना क्षेत्र में  शनिवार की देर शाम लोनियापुर गाँव के पास गूंजी गोलियों की आवाज़ ने ग्रामीणों को सकते में डाल दिया । गोलियों की आवाज सुनते हैं ग्रामीण घटनास्थल पहुंचे  कि उन्ही के गांव के भारतीय किसान यूनियन ( टिकैत ग्रुप ) से जुड़े प्रमोद मिश्रा खून से लथपथ पड़े थे । आनन-फानन में गांव वाले को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य अमेठी पहुंचे। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने सुल्तानपुर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया । रास्ते में किसान नेता को  गोली लगी होने के कारण मौत हो गई।
 सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रमोद मिश्रा बाजार से ले शाम अपने घर जा रहे थे गांव के पास पहुंचे थे | मोटरसाइकिल सवार युवक प्रमोद मिश्रा पर गोलियां दाग दी ।गोली लगने के कारण वह वहीं गिर पड़े।
 अमेठी पुलिस की मुखिया ख्याति गर्ग ने घटना का संज्ञान लिया और कई टीमें बनाकर घटनास्थल पर भेजा पुलिस जांच पड़ताल में लगी है।

     अमेठी में पिछले 50 दिनों से लोक डॉउन चल रहा है लेकिन अमेठी में संगीन वारदातों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा। अमेठी में लगभग 5 बड़ी घटनाएं घटित हुई है। जिसमें आधा दर्जन से अधिक लोगों की जान गई । सारे घटनाक्रम को देखते हुए पुलिस पर सवाल उठने लगा है  । अमेठी में पुलिस लोगों को पकड़ कर जेल भेज रही है । पुलिस अपनी  कार्यशैली से सन्देश देने की कोशिश कर रही है। लेकिन इस तरह की घटना पुलिस की कार्यशैली को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है ।

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