जुर्म की गिरफ्त में जिला अमेठी ,क्यों बढ़ रहा है जुर्म ?जनता का पुलिस - मुखिया से सवाल? मुखिया के पास क्या है जबाब?
जिला संवाददाता/अमेठी/अक्षय मेल समाचार।
अमेठी जनपद में प्रशासन ने जनपद की सभी सीमाओं को सील कर दिया है जिसके कारण दूसरे जनपद से होने वाले आवा-जाही बंद हो गई है । ऐसे में प्रश्न खड़ा होता है कि जनपद के अंदर अपराधियों को आपराधिक वारदात करने की छूट आखिर किसने दे दी है। अमेठी में लगातार हत्या और लूट की घटनाओं की खबरों ने जहां अमेठी की जनता को डर में जीने को मजबूर कर दिया है ।पुलिस प्रशासन पर सवाल उठ गया है । लॉक डाउन शुरू होने के बाद जनपद में कई संगीन जुर्म घटित हो चुके हैं ।
आइए हम आपको कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं से रूबरू करा देते हैं
पहला प्रकरण -23- 24 अप्रैल 2020 की रात्रि में घटी उस घटना का जिक्र आज तक कहीं नहीं हुआ । जिसमें खेत की रखवाली कर रहे अनुसूचित जाति के वृद्ध किसान को कुछ लोगों ने घातक चोट पहुंचाई और बाद में उस किसान की मृत्यु हो गयी।
मामला थाना जामो के ग्राम- रानीपुर मजरे मयास का है। इस मामले में एक वृद्ध की मौत हो गई और पुलिस विवेचना कर रही है पुलिस आज तक घटना को अंजाम देने वाले लोगों का खुलासा नहीं कर पाई है ।
अनुसूचित जाति के व्यक्ति के साथ घटित इस घटना की विवेचना जहां क्षेत्राधिकारी गौरीगंज को करनी चाहिए थी वहीं हलका इंचार्ज इस मामले की विवेचना कर रहे हैं। जो अमेठी पुलिस की घोर लापरवाही नजर आ रही है । इस तरह की लापरवाही होने के बाद आखिर कैसे अपराधी पुलिस की गिरफ्त में आएंगे एक बड़ा प्रश्न खड़ा हो जाता है।
दूसरा प्रकरण - 2मई 2020 को मुंशीगंज थाना क्षेत्र के गांव हरिहरपुर शाहगढ़ निवासी अवधेश सिंह की जमीन विवाद में रॉड से पिटाई कर शनिवार को हत्या कर दी गयी। वह मंदिर में पूजा करने गये थे तभी अज्ञात लोगों ने उन पर हमला कर दिया।
पुलिस के मुताबिक गंभीर रूप से घायल वृद्ध अवधेश सिंह (62) को परिजन जिला अस्पताल अमेठी ले गये जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने बताया कि प्रथमदृष्टया ऐसा लगता है कि अवधेश सिंह की हत्या जमीनी विवाद में की गई है। हमलावरों की शिनाख्त कर ली गयी है और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
प्रकरण तीन - थाना मोहनगंज के अंतर्गत 3 मई 2020 को दुकान के बाहर सो रहे व्यापारी की रस्सी से गला घोट कर हत्या कर दी गई और चप्पे-चप्पे पर नजर रखने वाली पुलिस सुबह घटना की सूचना मिलने पर घटना स्थल पर पहुंची । ग्राम पुरे गया मजरे फत्तेहपुर निवासी युवक रामकुमार पुत्र हरिप्रसाद के शव का पंचनामा कर दिया गया है और शेष कार्यवाही की जा रही है फिलहाल इस घटना के संबंध में पुलिस के हाथ खाली हैं इस घटना में ना कोई अभी तक जमीनी विवाद सामने आया है । पुलिस का कहना है कि जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
आइए पढ़े :-
अमेठी पुलिस की खामियों के बारे में ।
अपराध रोकने में क्यों नहीं सफल नही हो पा रही है?
1 .अमेठी पुलिस पर जनता का विश्वास नहीं है जिसके कारण घटनाओं से पूर्व मिलने वाली सूचना को अमेठी की जनता विश्वास के अभाव में पुलिस अधिकारियों तक नहीं पहुंचाती है। जनता अपने परिवार की जान माल के बारे में सूचना देने के एवज में भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है यह भ्रम जनता व पुलिस के बीच बनने वाले विश्वास को खत्म कर देता है।
2.पुलिस प्रशासन में ग्राम पुलिस या चौकीदार की अहम रोल होता है लेकिन विश्वास की कमी के कारण चौकीदार अपराधियों के बारे में सही सूचना संबंधित पुलिस अधिकारियों तक नहीं पहुंचा पाते है ।
3. पुलिस का मुखबिर तंत्र पूरी तरह से फेल नजर आता है मुखबिर पुलिस को सूचना नहीं देते यह पुलिस का अंदरूनी मामला है ।
अन्य कारणों में और भी कई कारण हैं लेकिन इन 3 कारणों से जनता व पुलिस का सीधा संबंध जुड़ा है।

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