नहरों में पानी नहीं धान की नर्सरी पर खतरा
शुकुल बाजार अमेठी। गेरावा सुबेहा रजबहा में पानी नहीं आने से किसानों को हो रही है परेशानी रोहिणी नक्षत्र शुरू होते ही क्षेत्र के अधिकांश खेतों में धान की नर्सरी डाल दी गई है। भीषण गर्मी व तेज धूप में नर्सरी की सिंचाई के लिए किसानों को पानी की आवश्यकता पड़ने लगी है नहरों में पानी ना मिलते देख किसान बेहन से लेकर धान तक के लिए चिंतित हैं। विकासखंड के तेंदुआ अदीपुर पूरे भवनी दखिन गांव गयासपुर हरखू मऊ इंदरिया रामदीन पुरवा मवैया रहमत गढ़ मर्दानपुर आदि समेत अन्य क्षेत्रों की हजारों एकड़ खेतों में बेहन से लेकर धान की रोपाई के लिए किसान पानी को लेकर चिंतित है। किसानों का कहना है कि मौसम की बेरुखी के बीच नहरों में पानी का भाव है। ऐसे में धान की खेती कैसे होगी समझ में नहीं आ रहा है बताया कि प्रति बीघा धान की रोपाई में 5 से ₹6000 से अधिक की लागत लगती है। अगर समय समय से नहर की सिंचाई के लिए पानी मिल जाता तो किसानों को काफी हद तक सुविधा मिल जाती खेती में लागत भी कम आती।

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