लाकडाउन में फँसे लोगों को घर भेजने की राष्ट्रीय नीति तय की जाय - ओ.पी. यादव
रायबरेली, 20 अप्रैल, 2020!
पूर्व डीजीसी (फौ.) एवं सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रान्तीय सपा नेता ओ.पी. यादव ने भारत सरकार से मांग की है कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में लाकडाउन के कारण फंसे लोगों को उने घर तक पहुँचाने के लिए राष्ट्रीय नीति तय की जाय। भारत सरकार ने जिस उदारता के साथ विदेश में फँसे संक्रमित व्यक्तियों को हवाई जहाज से भारत लाने का काम किया, उसी उदारता के साथ विभिन्न क्षेत्रों में फंसे प्रवासी मजदूर, छात्र, बीमार, तीमारदार, सैलानियों, दर्शनार्थियों आदि लोगों को उनके घर तक पहुँचायें। देश की परिस्थितियों व विभिन्न प्रदेशों के मुख्यमन्त्रियों के बयान से स्पष्ट है कि देश में लाकडाउन-3 किये जाने के आसार हैं। इन परिस्थितियों में लोगों का धैर्य टूट रहा है, लोगों के पास काम नहीं है, जेब में पैसे नहीं हैं, मकान मालिक को देने के लिए किराया नहीं है। सरकार द्वारा किये जा रहे खाने-पीने के इन्तजाम न के बराबर हैं। सम्बन्धित राज्यों में वहाँ के आधार कार्ड मांगे जा रहे हैं, जो उनके पास नहीं है। एैसी स्थिति में खाली पेट, खाली जेब सैकड़ों मील दूर मजदूर पैदल चलने को मजबूर है। कोटा में कोचिंग पढ़ रहे छात्रों को कुछ राज्यों द्वारा उनके घर पहुँचाया गया है। गुजरात से कुछ मजदूर भी भेजे गये हैं, बिहार के मुख्यमंत्री नितिश कुमार छात्रों को बिहार आने से इंकार कर चुके हैं। महाराष्ट्र से सैकड़ों श्रद्धालुओं को पंजाब लाया गया है। एैसा लगता है कि रसूखदार तो किसी न किसी बहाने से गंतव्य तक पहुँच रहे है, लेकिन गरीबों की अपनी मजबूरियाँ हैं। बिहार के ही एक भाजपा विधायक अपने बेटे को कोटा से बिहार ले आये, बाकी छात्रों के प्रवेश द्वार बन्द हैं। एैसे में आवश्यकता है कि विभिन्न क्षेत्रों में फंसे लेगों को उनके घर तक पहुँचाने की राष्ट्रीय नीति तय कर उनके घर भिजवाया जाय।

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