अधिकारियों की मौजूदगी में शालीमार मैरिज लांन से रवाना किये गए 81 लोग।

दैनिक अक्षय मेल समाचार
रिपोर्ट- शिव प्रसाद मौर्य

जिला प्रशासन द्वारा 12 महिलाएं, 8 बच्चे व 61 पुरूषों को क्वांरेंटाइन का समय पूरा करने पर उन्हें उनके गृह जनपद भेजने हेतु की गई व्यवस्था।

सुलतानपुर 13 मार्च/ कोविड-19 कोरोना वायरस की विभीषिका ने जिस तरह सारी दुनियाँ को हिलाकर रख दिया है।उसका खौफ देश,परदेश ही नही गांव/मोहल्ले तक में दिख रहा है ।इसके बचाव व राहत की व्यवस्था में केंद्र/ प्रदेश सरकार ने कोई कसर नही छोड़ी है।जानलेवा कोरोना वायरस देश में भी दस्तक देकर कई जान ले चुका है।इसको फैलने से रोकने के लिए शासन/प्रशासन व समाजसेवियों ने रातदिन एक कर लोगों तक हर जरूरत की चीजे पहुँचाने और बचाव के तरीके पर काम कर रहा है।पिछले दिनो परदेश में रोजी - रोटी कमाने वालो पर जब कोरोना संकट का साया मंडराने लगा,तो लोग अपने गृह जनपद वापस होने लगे।ऐसे में परदेसियों के वापसी से कोरोना वायरस फैलने का खतरा बढने लगा प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा आने वाले परदेसियों व्यक्तियों को जो जहा पहुँचा,वही उनकी सुरक्षा की दृष्टि से क्वांरेंटाइन करने के आदेश के अनुपालन में उन्हे 14 दिनो के लिए रोक लिया गया और उनके खाने-पीने रहने का बेहतरीन इंतेजाम किया गया,जिससे क्वांरेंटाइन किये गए लोगों को परेशानी न हो जिले में भी कई जगह बाहर से आनेवाले लोगों को क्वांरेंटाइन किया गया है,जिसमें से आज 81 लोगों को पूरी सुविधाओं के साथ उनके गृह जनपद भेजा गया।शहर स्थित समाजसेवी पप्पू रिजवान का न्यू शालीमार मैरिज लांन है,जिसमें 115 लोगों को क्वांरेंटाइन किया गया था।आज 81 लोगों ने समस्त जांच पड़ताल के साथ ही क्वांरेंटाइन की निर्धारित समय सीमा पूरी कर लिया था ,जिसमे 12 महिलाएं 8 बच्चे और 61 पुरूषों को परिवहन निगम की बसों से उप जिलाधिकारी सदर राम जी लाल,क्षेत्राधिकारी सदर,तहसीलदार,ईओ नगर पालिका,शहर कोतवाल,नायब तहसीलदार,गभडिया चौकी इंचार्ज व समाजसेवी पप्पू रिजवानआदि ने भेजा सभी को घर जाने से पहले  खाना खिलाया गया और रास्ते के लिए उन्हे बिस्किट व पानी की बोतल देकर रवाना किया गया।साथ ही उन्हे घर पर पहुँचने के बाद कैसे रहना है।क्या करना और क्या नही करना इसके बारे मे जागरूक किया गया।समाजसेवी पप्पू रिजवान ने क्वांरेंटाइन किए गए लोगों की रवानगी पर उन्हे बिस्किट,पानी देते हुए कहाकि आप लोग यहा इतने दिनो तक रहे ,यदि कोई कमी रह गई हो तो मांफ करना साथ ही उन्होने जानेवाले महिलाएं,बच्चे व पुरूषों से बडी आत्मीयता से कहा अलविदा मेरे भाई,बहन व बच्चों अपना ख्याल जरूर रखना।

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