आंधी तूफान व बेमौसम बारिश के साथ गिरे ओले, जनजीवन अस्त-व्यस्त




अक्षय मेल समाचार
रिपोर्ट- मनीष मिश्र


प्रतापगढ़
जिले के आस-पास के क्षेत्रों में शुक्रवार के दिन मौसम ने अचानक करवट ली और तेज आंधी -पानी के साथ ही ओले पड़ने शुरू हो गए।इस तेज तूफान गांवों में एक ओर जहां कई पेड़ उखड़ गए तो वहीं दूसरी ओर बाजार में भी कई लोगों के टीनशेड उड़कर दूर जा गिरे।अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस तेज तूफान एवं ओलावृष्टि ने गेंहू की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया।आए इस चक्रवात ने मात्र कुछ मिनटों में ऐसी तबाही मचाई कि कई किसान बर्बाद हो गए।उनकी वर्ष भर की खून-पसीने की कमाई आंखों के सामने तूफान में उड़ गई।गेंहूँ की पूरी फसल अभी खेतों में ही खड़ी है। हवा के झोंकों के कारण फसल गिरकर खराब हो गई। कई लोगों की झोपड़ियां तेज हवा में उड़ गई। आम के टिकोरे टूटकर जमीन पर गिर गए।शुक्रवार को ओलावृष्टि के साथ आए तूफान से जहां फसलें लेट गई तो वहीं विद्युत तार और खम्भों के धराशायी होने के कारण कोहड़ौर क्षेत्र के बरौली,वासुपुर, रामापुर, धरौली समेत कई गांवों की बत्ती गुल हो गई।परेशान होते हुए लोग अब-तब बिजली आने का इंतजार कर रहे हैं।खबर लिखे जाने तक मौसम के मिजाज में फ़िलहाल कोई खास तब्दीली होती नही दिख रही।जिले में कुदरत का कहर जारी है । आधीरात से शुरू हुआ कुदरत का कहर विभिन्न इलाकों में जारी है। चक्रवाती तूफान, विजली कड़कने, पानी के साथ ही ओलावृष्टि जारी। गेंहू, सरसों, चना, मटर, सब्जियो के साथ ही आम की फसल नष्ट। तो वही चक्रवात के चलते संडवा चंद्रिका के डंगरी औऱ भादौसी के दर्जनों गांव व जिले के सैकड़ों गांव औऱ कोहड़ौर में मोबाइल टॉवर भी हुआ धरासाई। विभिन्न इलाकों में अलग अलग समय पर कुदरत का कहर जारी। किसान पूरी तरह हुआ तबाह।

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