आग के कहेर से ज्वेलरी की दुकान जलकर खाक
(शिव प्रसाद मौर्य)
सुल्तानपुर-आग का तांडव देखने को मिला मामला शहर के सबसे व्यवसायिक मोहल्ला ठाठेरी बाज़ार का है जहाँ प्रकाश चाट वाले की ठेले की दुकान पर सैकड़ो की भीड़ लगी रहती हैं वह उसी ठेले पर चाट यानी टिकिया खस्ता आदि बना कर बेचा करता है रोजमर्रा की तरह वह आज भी अपनी ठेले की दुकान सारे नियम को ताक पर रख टिकिया वा खस्ता आदि बना कर बेच रहा था की अचानक पीछे शर्राफा की दुकान में रखी गई घरेलु गैस सिलेंडर में आग लग गई और आग का तांडव शुरू हो गया।खबर सुल्तानपुर से है जहां बताते चले की आग का यह तांडव क्यूँ हुआ,दरअसल प्रकाश चाट कार्नर का ठेला के पीछे प्रदीप सोनी के स्वर्ण आभूषण की दुकान में रखे गैस सिलेंडर में अचानक आग लग गई और आग ने अपना तांडव शुरू कर दिया,गैस सिलेंडर प्रदीप सोनी का था या प्रकाश चाट वाले का यह अभी स्पष्ट नही हो सका है क्यूंकि दूकान चाट वाले की लगती हैं और आभूषण की दुकान में सिलेंडर रखने का मतलब सोचने पर मजबूर कर देता है की आभूषण की दूकान पर सिलेंडर रहनें का कोई मतलब नहीं है अब बात करे प्रकाश चाट वाले की तो उसे अपनी टिकिया और खस्ता आदि बना कर बेचना पड़ता हैं जोकि वह इन सिलेंडरों का उपयोग किया करता है और घरेलु गैस सिलेंडर का इस्तेमाल कामर्शियल के रुप में करता है और एक अतिरिक्त सिलेंडर उसने आभूषण की दुकान पर रख दिया था सूत्रो के मुताबिक गैस सिलेंडर में रिसाव होने लगा और सिलेंडर दहकने लगा और उसने विकराल रूप धारण कर लिया,तत्काल सूचना पाकर मौके पर अग्निशमन दल (फ़ायर बिग्रेड)की टीम ने मोर्चा संभाला और किसी तरह काफ़ी मसक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया लेकिन प्रश्न ये उठता है की अस्थायी चाट के ठेले की दुकान पर घरेलू गैस सिलेंडर या कमर्शियल गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने की परमिशन किसने दिया,यदि सिलेंडर फट गया होता तो कितने लोगों की जान जा सकती थी,क्या ठेले और कुम्छे वालों को गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने की परमिशन है या कोयले की भट्ठी इस्तेमाल करने की,नियम चाहे जो भी हो परंतु इस तरह ठेले पर चाट की दुकान पर गैस सिलेंडर का इस्तेमाल कितना बड़ा तांडव मचा सकता है ये सामने आ गया,क्या अब जिला प्रशासन इस पर ध्यान देगा या नहीं ये अपने आप में बड़ा सवाल है!

0 टिप्पणियाँ