मनरेगा मजदूरो के खातों में इतने करोड़ रुपए जमा



लखनऊ /सुनील यादव

COVID-19 के दृष्टिगत मनरेगा के 27.5 लाख श्रमिकों को देय ₹611 करोड़ की धनराशि का उनके खाते में एकमुश्त हस्तांतरण करते मुख्यमंत्री ने किया है। प्रदेश सरकार द्वारा गरीब कल्याण के लिए बनाई गई योजनाओं के माध्यम से कोरोना महामारी के खिलाफ उपलब्ध कराए गए पैकेज को समयबद्ध ढंग से सभी जरूरतमंद गरीबों, किसानों और सामान्य नागरिकों तक पहुंचाने में सफल होंगे।
   
       इस अवसर पर कोरोना महामारी के खिलाफ़ सहभागिता के लिए देश के सभी बैंकर्स, सभी अधिकारियों एवं कर्मचारीगणों का हृदय से अभिनंदन किया।  निश्चित ही देश, कोरोना महामारी से अपनी 130 करोड़ की आबादी को सुरक्षित करने में सफल होगा।
       इस दौरान इन सभी श्रमिकों व अन्य लोगों की समस्या को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखते हुए निर्णय लिया कि इस समय बैंक की शाखाएं चार बजे तक खुलेंगी और उन सभी श्रमिकों को अपनी सेवाएं प्रदान करेंगी।
        जब मजदूरों के खाते में ₹611 करोड़ की धनराशि हस्तांतरित की जा रही है तो मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि मुख्य महाप्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक, श्रीमती सलोनी नारायण जी ने कहा है कि बैंक की शाखाएं दो घंटे के लिए केवल 12 बजे तक संचालित हो रही थीं । उत्तर प्रदेश सरकार भी इस दौरान अतिरिक्त धनराशि के रूप में यह राशि उपलब्ध करवाने की कार्रवाई करेगी।
80 करोड़ गरीबों को पूरे देश में इन योजनाओं से लाभान्वित करने की दिशा में आज का यह कार्यक्रम बहुत महत्वपूर्ण है।



भारत सरकार उन्हें प्रतिमाह तीन महीने तक एक किलो दाल व 'उज्ज्वला योजना' के अंतर्गत रसोई गैस के सिलेंडर सभी परिवारों को तीन माह तक निःशुल्क उपलब्ध करवाने की भी कार्रवाई कर रही

आज हम यहां पर 27,15,000 मनरेगा मजदूरों के खाते में ₹611 करोड़ की धनराशि तो हस्तांतरित कर ही रहे हैं, साथ ही 80 लाख से अधिक मनरेगा श्रमिकों के लिए
यूपी सरकार और भारत सरकार ने निःशुल्क खाद्यान्न की व्यवस्था भी कर रहे है।
CM Of



हम सब आदरणीय प्रधानमंत्री के आभारी हैं जिन्होंने भारत को कोरोना महामारी से बचाने के लिए, देश के उत्तम स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य के लिए लाॅकडाउन की कार्रवाई के साथ ही ₹1 लाख 70 हजार करोड़ का आर्थिक पैकेज भी घोषित किया है।
लाॅकडाउन के कारण पलायन कर रहे मजदूरों की स्थिति को देखकर सहज अनुमान लगा सकते हैं कि इस धनराशि का मजदूरों के लिए क्या महत्व है। वास्तव में आर्थिक स्वावलम्बन की ओर अग्रसर करने में स्वरोजगारपरक इन योजनाओं की बड़ी भूमिका है।
इसके लिए अपर मुख्य सचिव, वित्त, ग्राम्य विकास और पंचायती राज के प्रमुख सचिव, मुख्य महाप्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक समेत पूरी टीम को हृदय से धन्यवाद।

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