हर्षोल्लास के साथ मनाई गई संत रविदास जी की जयंती

हर्षोल्लास के साथ मनाई गई संत रविदास जी की जयंती

अक्षय मेल समाचार।

शुकुल बाजार अमेठी। संत रविदास की जयंती के अवसर पर सूबे के राज्यमंत्री सुरेश पासी ने उनके चित्र पर माल्यार्पण करके रविदास जयंती मनाई इस अवसर पर क्षेत्र के सैकड़ों प्रबुद्ध जन और उनके अनुयाई मौजूद रहे इसी कड़ी में शुकुल बाजार अंबेडकर चौराहे पर भी रविदास जयंती मनाई गई जिसमें रामकुमार उर्फ पुटूल्ली सहित सैकड़ों अनुयाई मौजूद रहे रविदास जयंती के अवसर पर राज्यमंत्री सुरेश पासी ने कहा सतगुरु रविदास जीभारत के उन चुनिंदा महापुरुषों में से एक हैं जिन्होंने अपने रूहानी वचनों से सारे संसार को एकता, भाईचारा पर जोर दिया। रविदास जी की अनूप महिमा को देख कई राजे और रानियां उनकी शरण में आए जीवन भर समाज में फैली कुरीति जैसे जात पात के अंत के लिए काम किया। रविदास जी के सेवक उनको को सतगुरु जगतगुरु आदि नामों से सत्कार करते हैं। अपनी दया दृष्टि से करोड़ों लोगों का उद्धार किया जैसे मीरा बाईसिकंदर लोधी राजा पीपा राजा नागरम। गुरुवर रैदास जी मा गंगा के परम भक्त थे रविदास जी भारत में 15वीं शताब्दी के एक महान संत, दर्शनशास्त्री, कवि, समाज-सुधारक और ईश्वर के अनुयायी थे। वो निर्गुण संप्रदाय अर्थात् संत परंपरा में एक चमकते नेतृत्वकर्ता और प्रसिद्ध व्यक्ति थे तथा उत्तर भारतीय भक्ति आंदोलन को नेतृत्व देते थे। ईश्वर के प्रति अपने असीम प्यार और अपने चाहने वाले, अनुयायी, सामुदायिक और सामाजिक लोगों में सुधार के लिये अपने महान कविता लेखनों के जरिये संत रविदास ने विविध प्रकार की आध्यात्मिक और सामाजिक संदेश दिये। लोगों की नजर में उनकी सामाजिक और आध्यात्मिक जरुरतों को पूरा करने वाले मसीहा के रुप में थे। आध्यात्मिक रुप से समृद्ध रविदास को लोगों द्वारा पूजा जाता था। हर दिन और रात, रविदास के जन्म दिवस के अवसर पर तथा किसी धार्मिक कार्यक्रम के उत्सव पर लोग उनके महान गीतों आदि को सुनते या पढ़ते है। उन्हें पूरे विश्व में प्यार और सम्मान दिया जाता है।

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