महंत त्यागी बाबा जयराम दास जी महाराज का बुधवार को देहावसान हो गया



अयोध्या।

बीकापुर तहसील क्षेत्र की ग्राम सभा जोहन में स्थित रामानंद भवन अयोध्या के मनोकामना सिद्ध आश्रम
 के महंत त्यागी बाबा जयराम दास जी महाराज का बुधवार को देहावसान हो गया।जिससे उनके शिष्यों सहित क्षेत्र में शोक व्याप्त हो गया।
 
   विदित हो कि अयोध्या जनपद की बीकापुर तहसील क्षेत्र के निवासी बच्चू पंडित द्वारा सन् 1950 के आसपास ग्राम सभा जोहन में एक संस्कृत विद्यालय की स्थापना की गई थी। कालांतर में विद्यालय के प्रबंधक का देहावसान हो जाने के कारण विद्यालय बंद हो जाने से खाली पड़ी जमीन पर लोगों की नजर लग गई। और लोग कब्जा करना शुरू कर दिये |
विद्यालय की जमीन पर कब्जा होते देख स्व. प्रबंधक के परिजनों द्वारा उक्त जमीन को सिद्ध पीठ रामानंद भवन अयोध्या के नाम रजिस्ट्री कर दिया। तत्पश्चात
सन् 1979 में रामानंद भवन अयोध्या से त्यागी बाबा जयराम दास जी को बुलाया गया।महाराज जी के संघर्षोंपरांत एक भव्य हनुमान मंदिर का निर्माण त्यागी बाबा जयराम दास जी के कर कमलों द्वारा किया गया।त्यागी बाबा जयराम दास जी महाराज ने क्षेत्र में धर्म के प्रति एक नई दिशा दी और सभी को एक धागे में पिरोने का काम किय| महराज जी द्वारा शिष्य भी बनाये गये हैं।कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे महाराज जी ने पिछले 15 दिनों पहले अपने एक शिष्य को आश्रम की समस्त जिम्मेदारी सौप दिया था।
महराज जी ने बुधवार की सुबह 7:30 बजे अंतिम सांस ली।क्षेत्रवासियों एवं शिष्यों द्वारा स्व.महराज जी की उनके आश्रम में अंतेष्टि की गई।स्व.महराज जी की जन्मस्थली मूलतः बिहार की बताई जा रही है।
उक्त आश्रम पर प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि पर एक विशाल भंडारे और मेले का आयोजन होता है।

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