अफवाहो से रहे दूरफादर लुईस ने क्रिसमस की जनपदवासियों को दी
हार्दिक बधाई कहा क्रिसमस प्रेम आनंद उद्दार का - संदेश है देता
नीलम संवाददाता, अक्षयमेल रायबरेली
रायबरेली
सम्पूर्ण देश विश्व अमनचैन सौहार्द, तहजीब व भाईचारा पसंद करता है जनपद व
प्रदेश में भी अमनचैन व भाईचारा तथा सभी धर्मो के लोग मिलजुल कर रहे
परिणाम स्वरूप जनपदवासियों में अमनचैन भाईचारा सप्रादायिक सौहार्द बना हुआ है।
क्रिसमस के पर्व पर जनपदवासियों को हार्दिक बधाई देते हुए सेन्टपीटर्स स्कूल के फादर
लुईस ने कहा कि क्रिसमस एक महान पर्व है जो प्रेम आनंद भाईचारा व मानव के
कल्याण का संदेश देता है प्रभू यीशु ने असहाय और पीडि़त मानवता को प्रेम करूणा
और अटूट संकल्प शक्ति पर चलकर समाज व निर्माण विकास में आगे आये। सभी लेग
मिलजुल कर रहे। सहायक निदेशक सूचना प्रमोद कुमार द्वारा फादर लुईस सहित सेकड़ों
आमजनों को नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 सीएए के बारे जाना तथा उसकी प्रतिया
ली फादर लुईस सहित कई आमजनों ने कहा कि जनपद वासियों में भाईचारा अमनचैन
सप्रादायिक सौहार्द बना रहा है। यह अनिधिनियम सिर्फ नागरिकता देने के लिए है किसी की
नागरिकता छीनने का अधिकार इस कानून में नही है। भारत के अल्पसंख्यकों विशेषकर
मुसलमानों का नागरिकता संशोधन अधिनियम से कोई अहित नहीं है। नागरिकता
संशोधन अधिनियम से देश के नागरिकों की नागरिकता पर कोई प्रभाव नहीं
पड़ेगा। यह कानून किसी भी भारतीय हिन्दू, मुसलमान आदि को प्रभावित नहीं
करेगा। इस अधिनियम के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक
उत्पीड़न के कारण वहां से आए हिन्दू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन और बौद्ध धर्म को
मानने वाले शरणार्थियों को भारत की नागरिकता दी जायेगी जो 31 दिसम्बर 2014 से
पूर्व ही भारत में रह रहे हों तथा जो केवल इन तीन देशों से धर्म के आधार पर
प्रताडि़त किए गए हों। अभी तक भारतीय नागरिकता लेने के लिए 11 साल भारत में रहना
अनिवार्य था। यह कानून केवल उन लोगों के लिए है, जिन्होंने वर्षो से बाहर
उत्पीड़न का सामना किया और उनके पास भारत आने के अलावा और कोई जगह
नहीं है। जनपदवासी भाईचारे तहजीब अमनचैन प्रिय है अफवाहो से रहे। फादर
लुईस सहित सेकड़ो जनों ने सीएए की प्रतियां प्राप्त की, भाईचारा अमनचैन जनपद की
पहचान है के बारे में बताया। छोटे बच्चें सेटाक्लास की ड्रेस में भी दिखें।

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