नीलम संवाददाता
जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना व पुलिस अधीक्षक स्वप्निल ममगाई ने एआटीओं को निर्देश दिये है कि सड़क सुरक्षा नियमों के तहत अधिक से अधिक लोगों को
शासन द्वारा जारी यातायात के नियमों, वाहन चलाते समय महत्वपूर्ण दिशा निर्देश के साथ ही अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के बारे में बताकर लोगों को जागरूक करें जिससे सड़क सुरक्षा और जीवन रक्षा हो सके। सड़क सुरक्षा कार्यो को अभियान तक न सीमित रखकर यह कार्यक्रम को निरन्तर चलाया जाये। कार्यक्रमों में प्रदेश के मा0 मुख्यमंत्री जी के सड़क सुरक्षा के लिए 10 सुनहरे नियम जिसमें हेलमेट पहने, वाहन चलाते समय स्टेण्ड न
करे, शराब और वाहन का मेल सही नही, गति सीमा का पालन करे, सीट बेल्ट का प्रयोग करे, यातायात नियमों और चिन्हों का पालन करे, वाहन कभी असुरक्षित ढंग से न चलाये, बाये से ओवर टेक न करे, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करे आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दे।
सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा : चुनोतियां विषय पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता का आयोजन जीआईसी इण्टर कालेज के हाल में आयोजित किया। मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्रधिकरण की सचिव पूजा गुप्ता ने कहा कि जनपद होने वाले दुर्घटनाओं का कारण लोगों की लापरवाही है। यातायात व्यवस्था को दुरूस्त रखने व रोड दुर्घटना को रोकने के लिए यातायात नियमों के प्रति छात्रों को सैद्धान्तिक व व्यहारिक जागरूक
होना व जानकार होना जारूरी है। छोटी-छोटी लापरवाहियों से बड़ी-बड़ी
दुर्घटना हो जाती है। जिसका खाम्याज़ा दुर्घटना हुए परिवारों को भुगतना
पड़ता है। उन्होंने ने कहा कि इसके लिए हमे अपने परिवारों और बच्चों को
यातायात के लिए जागरूक होना चाहिए और यातायात के नियमों का पालन भी करना चाहिए।
जिससे कोई दुर्घटना घटित न हों। सड़क दुर्घटना के बचाओं के लिए यातायात
नियमों का पालन करना चाहिए। सड़क दुर्घटना से बचने के लिए तेज गति से वाहन न चलाये आपनी सुरक्षा व दूसरे की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए और बाईक चलाने के वक्त
हेल्मेट का प्रयोग करें तथा कार चालक सीट बेल्ट का प्रयोग करें। कार में सीट
बेल्ट नही पहनेंगे तो दुर्घटना के समय एयर बैंग भी नही खुलेगा। वाहन चलाते
समय कोई नशा और मोबाईल पर बात नही करनी चाहिए। सड़क पार करते वक्त सड़क पर
धैय न खोंये आरै सड़क पर हड़बड़ी से न दौडे़। बच्चें राष्ट्र के भविष्य है अतः वह सड़क सुरक्षा या यातायात के नियामों के जानकार बनने के साथ ही पड़ोसियों तथा परिवार को जनों को भी जागरूक करें। एआरटीओं राघवेन्द्र सिंह ने छात्रों को बताया कि सड़क पार करते समय पहले दाय फिर बाय फिर दाय देखकर तय कर ले कि दोनों ओर से कोई वाहन तो नही आ रहा है तब जाकर सड़क को सावधानी के
साथ पार करना चाहिए और यातायात के नियमों का पालन करना चाहिए। 16 विद्यालयों से आये 36 छात्र-छात्रा प्रतिभागियों ने सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा व चुनोतियों के विषय पर अपने सारगर्भित भाषण से प्रतिभाग किया जिसकी सभी ने सराहना भी की। निर्णाय
मण्डल द्वारा छात्र-छात्रा जिसमें अंशिका मिश्र प्रथम को 21 हजार, द्वितीय उन्नति मिश्र को 11 हजार एवं कुशान द्विवेदी को तृतीय स्थान प्राप्त होने पर 7 हजार रूपये की घोषणा की गई। मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव पूजा गुप्ता, एडी सूचना
प्रमोद कुमार, एआरटीओं प्रवर्तक राघवेन्द्र सिंह, एआरटीओ प्रशासन संदीप जायसवाल आदि ने सभी छात्र-छात्रा प्रतिभागियों को प्रशस्त्रि पर देकर उनका उत्साहवर्धन भी किया।छात्रों को सम्बोधित करते हुए एआरटी प्रशासन संदीप जायसवाल, मनीष पाण्डेय,
प्रधानाचार्य ठाकुर प्रताप सिंह, पीटीओ अवधराज गुप्ता, विश्वनाथ प्रसाद रावत आदि ने छात्रों को सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित यातायात के नियमों का पालन, वाहन कमी सुरक्षित ढंग से न चलाये आदि विशषों पर चर्चा की गई। इस मौके पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्रा भी उपस्थित थे। स्काउट टीचर लक्ष्मीकांत व स्काउट छात्राए भी उपस्थित थी।
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