अक्षय मेल समाचार
शुकुल बाजार। अमेठी विभागीय उदासीनता के चलते प्रधानमंत्री की अति महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत से क्षेत्र के बहुतायत गरीब परिवार वंचित दिखाई दे रहे हैं ।जबकि यह योजना गरीबों के लिए किसी वरदान से कम नहीं जिसके अंतर्गत गरीब लोगों को 500000 रूपये तक सालाना इलाज के लिए कवर किया गया है। इस योजना का लक्ष्य गरीबों को इलाज के अभाव में मौत से बचाना था। लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते इस योजना का लाभ गरीब परिवार नहीं पा रहे हैं। सबसे बड़ी बात इस योजना वही गरीब परिवार लाभ पा सकता है जिसका नाम 2011 की आर्थिक जनगणना की सूची में है।जबकि ऐसे तमाम गरीब परिवार हैं जिनका नाम 2011 की आर्थिक जनगणना की सूची में नहीं शामिल हो पाया ।वहीं क्षेत्र के तमाम धनाढ्य लोगों का नाम भी 2011 की आर्थिक जनगणना की सूची में है ।2011 से लेकर 2019 के बीच में एक लंबा समय बीत चुका है इस दौरान ऐसे तमाम परिवार हैं जिनकी आर्थिक स्थिति खराब हुई और ऐसे तमाम परिवार हैं जिनकी आर्थिक स्थिति अच्छी हुई 2011 की आर्थिक जनगणना के आधार पर आयुष्मान योजना का लाभ देना अनुचित है ।ऐसा बुद्धिजीवियों का कहना है जो वास्तव में गरीब है उनको भी इस योजना का लाभ मिलना चाहिए जिनका नाम 2011 की आर्थिक जनगणना से छूट गया है ।उन्हें भी योजना का लाभ मिलना चाहिए सबसे बड़ी बात यह है विभागीय उदासीनता के चलते तमाम ऐसे गरीब परिवार हैं जिनका अभी तक आयुष्मान योजना के अंतर्गत कार्ड नहीं बन पाया और पात्र भी हैं। बताते चलेंआयुष्मान भारत योजना या प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, भारत सरकार की एक स्वास्थ्य योजना है, जिसे १ अप्रैल, २०१८ को पूरे भारत मे लागू किया गया था। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों बीपीएल धारक को स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराना है। इसके अन्तर्गत आने वाले प्रत्येक परिवार को 5 लाख तक का कैशरहित स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जायेगा।

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