रोडवेज़ बसों का व्यवस्थित संचालन न होने के चालक परिचालक और आला अधिकारी जमीदार महा प्रबंधक संचालन/आईजीआरएस के पास नही है माक़ूल जवाब। खाली देख लेन से नही दूर होगी समस्या


रोडवेज़ बसों का व्यवस्थित संचालन न होने के चालक परिचालक और आला अधिकारी जमीदार

महा प्रबंधक संचालन/आईजीआरएस के पास नही है माक़ूल जवाब। खाली देख लेन से नही दूर होगी समस्या
अक्षय मैं समाचार।
बाराबंकी । रोडवेज बस से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए मुसीबतें कम होने के बजाय बढ़ रही है क्योंकि पुराना बस अड्डा का संचालन बंद करने के लिए जिला प्रशासन व नगर पालिका परिषद  आमादा है इसी के चलते कल इसकी लाइट काट दी गई और विरोध में कर्मचारियों ने पूरे दिन धरना प्रदर्शन किया।

लंबी दूरी और 12 नंबर की बसों की सेवाओं से वंचित बाराबंकी वासियों के लिए नए बस अड्डा चालू हो जाने के बाद  अनुबंधित बसों  की समस्या भी दिन पर दिन बढ़ती जा रही है 

परिवहन विभाग द्वारा बार-बार बताया गया कि लंबी दूरी की बसों को शहर के अंदर से जाने के आदेश है। ना मानने वाले चालक परिचालकों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करते हुए ₹500 का जुर्माना भी लगाया गया लेकिन आदेश जारी कर देने के बाद से अधिकारियों द्वारा सही निगरानी न करने का फायदा उठाते हुए  चालक परिचालक  अपनी मनमर्जी  से बसों का संचालन कर रहे हैं  और ठीकरा यात्रियों के सर फोड़ देते हैं कि यात्री शहर के अंदर से जाने का विरोध करते हैं।

देर शाम के बाद से बाराबंकी शहर की स्थिति गांव से भी बदतर होती है। अनुबंधित बसों का संचालन बंद हो जाने के बाद लंबी दूरी की बसों का शहर से आन जाना न होने के कारण बाराबंकी से लखनऊ और लखनऊ से बाराबंकी आना एक भयंकर समस्या है। या तो बस आपको सफेदाबाद बहराइच मोड़ या फैजाबाद बाईपास पर उतारे गई।जहां से आपको अकेले आना होगा और यदि परिवार के साथ हैं तो राहजनी के शिकार भी हो सकते हैं।

जब इस संबंध में महाप्रबंधक संचालन/आई जी आर एस से फोन पर बात हुई तो उनके पास किसी भी सवाल का जवाब नहीं था। अंत में उन्होंने सिर्फ इतना कहा मैं दिखवाता हूं। अब सवाल ये उठता है यदि देखने से समस्या दूर हो सकती है तो अब तक दूर हो जानी चाहिए थी । जबकि आवश्यकता तो कड़ी कार्रवाई की है।

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