आवश्यकता परक मूल्यांकन लाभार्थी उन्मुखी पहलुओं के लिए परिवार स्तरीय डाटा ठीक से करे एकत्र करने पर दिया गया जोर : सीडीओ


आवश्यकता परक मूल्यांकन लाभार्थी उन्मुखी पहलुओं के लिए परिवार स्तरीय डाटा ठीक से करे एकत्र करने पर दिया गया जोर : सीडीओ


 अक्षय मेल रायबरेली

रायबरेली।प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजनान्तर्गत जनपद स्तरीय विभागीय अधिकारी एवं ग्राम 
स्तरीय अधिकारियों तथा समिति के सदस्यों का क्षमता विकास प्रशिक्षण विकास भवन के महात्मा गांधी सभागार कक्ष में किया गया। उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त निगम एवं विकास निगम द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार द्वारा किया गया। 

मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार ने सम्बोधित करते हुए कहा कि केन्द्र प्रायोजित प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अनुसूचित जाति सब प्लान के अन्तर्गत सभी नागरिकों की सामाजिक सुरक्षा विशेषकर अनुसूचित जाति के लिए आय व अन्य 
असमानताओं को कम करते हुये उनके सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक दृष्टिकोण के आधार पर 50 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति आबादी वाले गांवों में 
निवासरत अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को सामान्य आबादी के समकक्ष लाने के उद्देश्य से केन्द्र प्रायोजित प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना का संचालन किये जाने हेतु गांव का चिन्हीकरण तथा उनके समग्र विकास का लक्ष्य सरकार द्वारा निर्धारित किया गया है। 

प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के संचालन हेतु समाज कल्याण विभाग को नोडल विभाग तथा उ0प्र0 अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम को नोडल एजेन्सी नामित किया गया है। 

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि दिये जा रहे प्रशिक्षण को भली-भांति आत्मसात करें तथा आवश्यकता परक मूल्यांकन लाभार्थी उन्मुखी पहलों के लिए परिवार स्तरीय 
आंकड़ा फील्ड में जाकर पूरा करें। प्रशिक्षण दे रहे धीरेन्द्र राय तथा जिला समाज 
कल्याण अधिकारी विकास निगम सुनीता सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना 20 ग्राम चयनित है जिनकी आबादी 50 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति की है। इसमें विशेष ध्यान देना होगा साथ ही मूलभूत योजनाएं व अन्य सरकारी योजनाएं जो पूरी नही उसे भी आच्छादित किया जाना है। प्रत्येक परिवार का सर्वे कराना होगा तथा निर्धारित प्रारूप को भरकर जमा करना होगा। मुख्य कार्य क्षेत्र स्वच्छ पानी, बिजली, पेंशन,शौचालय, इंटरनेट आदि क्या जरूरी है आदि को पूरा करके प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम बनान है इसके लिए 20 लाख धनराशि प्रत्येक चयनित ग्रामों को दिया जाना है। इसके अलावा अन्य बिन्दुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।

इस मौके पर समस्त बीडीओ, एडीएओ, पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान, कमेटी के सदस्य 
अनुसूचित जाति के सदस्य आदि भी उपस्थित थे।

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