हर्षोल्लास के साथ मनाया गया मोहर्रम का त्यौहार


हर्षोल्लास के साथ मनाया गया मोहर्रम का त्यौहार 



शहादत का संदेश देता है मोहर्रम

अक्षय मेल समाचार /राजेश पाल

 शुकुल बाजार ,अमेठी ।मोहर्रम के दसवे दिन का बहुत महत्व है जो हुसैन नब्न अली की मृत्यु का शोक करने के लिए शिया मुसलमानों द्वारा मनाया जाता है दोपहर बाद ताजियों का जुलूस निकल पड़ा कस्बा अंदर से लेकर कटरा चौराहे तक मुस्लिम समुदाय  के लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया

 हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मोहर्रम का त्यौहार शान्ति पूर्ण माहौल  के साथ संपन्न हुआ  जिसे आशूरे का दिन भी कहा जाता है ।लोग अपने रवायतों के मुताबिक नोहा व मरशिया पढते हुए ताजियो को करबला ले जाकर दफन करते हैं ।वहीं मोहर्रम के त्यौहार को सकुशल व शान्तिपूर्ण सम्पन्न करवाने के लिए प्रशासन पूरी तरह से मुसतैद रहा ।क्षेत्र मे मोहर्रम के त्यौहार को शान्ति पूर्ण सम्पन्न करवाने हेतु प्रशासन द्वारा पूर्व में ही ताजिया रखने वाले चौक से कर्बला तक निकलने वाले जुलूसों के रास्तों का पूर्ण निरीक्षण कर चुका है l उसके अतिरिक्त  प्रसाशन द्वारा ताजियादारों व सम्भ्रांत नागरिकों के साथ बैठकों व आपसी तालमेल  के माध्यम से जुलूस के रास्तों व अन्य सम्बन्धित समस्याओं का पूर्ण समाधान भी सुनिश्चित कराया जा चुका है।ताजिया व मातम जुलूसों के दौरान किसी घटना व हिंसा न होने पाए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद थाl बताते चलें कि मातम जुलूस के दौरान डीजे बजाने पर पूर्णतया प्रतिबंधित है वहीं जुलूस के दौरान लाउडस्पीकर भी मानक के नियमानुसार ही बजाया जा सकता है l प्रशासन ने मुस्लिम भाइयों से अपील की है कि मोहर्रम गम का त्यौहार है l  इसलिए सभी लोग शान्ति व सौहार्द बनाए रखें ।और आपसी भाईचारे को कायम रखने के लिए अच्छे तालमेल बैठाने पर ध्यान देने की बात कही है ।

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