डीएम ने जिला स्वच्छता समिति बैठक में एजेण्डा बिन्दुओं पर विस्तार से की चर्चा, स्वच्छता सेवा मंत्र को अपनाते हुए ग्रामीण व शहरी को साफ-सफाई की व्यवस्था को करे दुरूस्त : डीएम
अक्षयमेल समाचार
रायबरेली । जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने बचत भवन के सभागार में जिला स्वच्छता समिति की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दिये है कि स्वच्छता समिति के एजेण्डे में जो निर्धारित किये
गये कार्यो/योजनाओं का क्रियान्वयन युद्ध स्तर पर पूरा करें। स्वच्छ भारत मिशन
(ग्रामीण) एवं बेसलाइन सर्वे 2012 से अतिरिक्त एल0ओ0बी0 के शौचालय निर्माण एवं डिलीशन व अपडेशन के सम्बन्ध में चर्चा करते हुए बताया गया कि अबतक 311860
स्वच्छ शौचालयों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति भारत सरकार की वेबसाइड पर अपलोड की गई है। जिसमें से 32259 स्वच्छ शौचालयों की फोटो अपलोड किया जाना अवशेष है। जिसमें से 19506 पात्र लाभार्थियों का नाम बेसलाइन सर्वे 2012 में
न होने के कारण उन्हें भारत सरकार की वेबसाइड पर अपलोड किया जाना है तथा
12753 लाभार्थियों का नाम मृतक और डबल होने के कारण डिलीट किये जाने
हेतु मिशन निदेशक को अनुरोध पत्र भेजा गया है। डिलीट होने के बाद जनपद का लक्ष्य 299107 हो जायेगा। जिसके सापेक्ष 279601 फोटो अपलोडिंग है। जिसका प्रतिशत
93.48 है तथा 19506 पात्र लाभार्थियों का नाम वेबसाइड पर संशोधित होने के बाद लक्ष्य के सापेक्ष अपलोडिंग का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया जायेगा। स्वच्छता सेवा
मंत्र को अपनाते हुए ग्रामीण व शहरी को साफ-सफाई की व्यवस्था को भी दुरूस्त
करें।जिलाधिकारी को बताया गया कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अन्तर्गत 2012
में बेसलाइन सर्वे, एलओबी फेज-1 एवं फेज-2 के उपरान्त छूटे हुए पात्र परिवारों के चिन्हीकरण हेतु यूनिवर्सल सैनिटेशन कवरेज अभियान चलाया गया जिसका डाटा डीपीआरओ कार्यालय को उपलब्ध कराने के साथ ही मिशन निदेशक को भेज दिया गया
है। ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबन्धन, पॉलीथीन मुक्त एवं ओ0डी0एफ0 स्थायित्व
की विस्तार से चर्चा हुई जिसपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि उचित निस्तारण हेतु जिला
स्वच्छता समिति के समस्त सदस्य, ग्राम पंचायत, ग्राम पंचायत सचिव, तकनीकी सहायता हेतु अभियन्त्रण विभाग/लघु सिचाई विभाग के जेई, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत)
एवं बीडीओं जिन्हें प्रशिक्षण मिला है उसको पूरी तरह से अमल में लाकर कार्यवाही
करें तथा ग्रामीणों को पूरी तरह से प्रशिक्षण देकर जागरूक करें तथा गांव को
प्लास्टिक/पालीथीन के उपयोग से मुक्त करें तथा गांव को स्वच्छ बनाये जिनके
अभी तक शौचालय निर्माण कार्य नही कराया गया है उनका शौचालय निर्माण कार्य को पूर्ण कराकर ग्रामीणों को शौचालय का उपयोग कराना भी सुनिश्चित करें। बैठक में लो सैनेटरी नैपकीन की उत्पादन इकाई स्थापित किये जाने, डिस्ट्रिक
ट्रेनिंग मैनेजमेन्ट गठन, शौचालय का निर्माण पर व्यय आदि बिन्दुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

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