राजस्व विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से होती है सरकारी भूमि पर खेती


सरकारी भूमि पर खेती करने वालों पर मेहरबान है महकमा


 राजस्व विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से होती है सरकारी भूमि पर खेती


 ग्रामीणों की शिकायतों के बाद जांच ठंडे बस्ते में






 अक्षयमेल   समाचार/रामधीरज  यादव



बाराबंकी  । जनपद में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने और खेती करने का मामला नया नहीं है यह राजस्व विभाग के कर्मचारियों की मेहरबानी के चलते सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने का खेल काफी दिनों से चल रहा है उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भले ही भू माफियाओं पर नकेल कसने अवैध कब्जा करने वाले लोगों पर शिकंजा कसने के लिए एनटीभू माफिया टीम का गठन किया हो लेकिन इस टीम का कार्य केवल दिखावा ही बनकर रह गया है कर्मचारी अपनी थप थपाने के लिए शासन को दिखाने के लिए जो भी कार्यवाही करते हैं वह केवल नाममात्र है  ।

 आपको बता दें कि बाराबंकी जिले के तहसील रामसनेहीघाट सिरौलीगौसपुर नवाबगंज रामनगर हैदर गढ़   आदि  तहसील क्षेत्रों में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों की भरमार है लेकिन राजस्व निरीक्षक और राजस्व कर्मी लेखपाल की मिलीभगत से सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों के विरुद्ध कोई भी कठोर कार्यवाही नहीं की जा रही है एंटी भू माफिया टीम का गठन तो केवल दिखावा ही बनकर रह गया है    सरकारी जमीन पर एक बार नजर डाली जाए तो आंखें खुल जाएंगी प्रशासन की कहीं चारागाह की भूमि पर खेती हो रही है तो कहीं तालाब की भूमि पर खेती हो रही है  ।


 जानकार सूत्रों का कहना है कि प्रदेश सरकार के आदेशों का सरकारी कर्मचारी   अमल नहीं कर रहे हैं सरकार के आदेश की धज्जियां उड़ाई जा रही मिली जानकारी के अनुसार बाराबंकी जिले की तहसील हैदर गढ़ के अंतर्गत ग्राम पंचायत जार मऊ में  लगभग  एक  दर्जन   नँबरानो   पर    चारागाह की भूमि पर रकबा15.7540 हेक्टेयर मैं चारागाह की भूमि पर खेती हो रही है तो वही फली के अलावा में चारागाह की ही भूमि पर रकबा4.1930 हेक्टेयर  ग्राम में चरागाह की भूमि पर रकबा20.7150 हेक्टेयर चौबीसी में चारागाह की  भूमि  पर  रकबा1.0560 हेक्टेयर बमहरौली रौली   आइमा   मे    तालाब की भूमि पर रकबा14.5410 हेक्टेयर
चिरैया ग्राम पंचायत में चारागाह की भूमि पर रकबा2.5170 हेक्टेयर में राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से सरकारी जमीन पर खेती हो रही है
 तो वही मंगौवा ग्राम पंचायत में  चारागाह की भूमि पर रकबा 18.5920 हेक्टेयर रोहना मीरापुर ग्राम पंचायत में रकबा   6.9260 हेक्टेयर चारागाह की भूमि पर खेती हो रही है अवैध कब्जा है इसी प्रकार मेहंदिया ग्राम पंचायत में चारागाह की भूमि  रकबा   22.3850 हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जा खेती हो रही है

 तो वही बलीपुर चिरैया   मैं चारागाह की जमीन पर रकबा   2.1930 हेक्टेयर में खेती की जा रही है
 आपको बता दें कि चारागाह की लगभग 1 दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा है वही गो आश्रय केंद्र बनाने के लिए राजस्व कर्मी शासन को भूमि ही नहीं चिन्हित कर दे पा   रहे हैं   जबकि जिले के माननीय जिलाधिकारी महोदय द्वारा उपजिलाधिकारी के माध्यम से चारागाह की भूमि पर और सरकारी भूमि पर   गौ आश्रय केंद्र बनाने के लिए जमीन की तलाश करके चिन्हित करने के निर्देश भी दिए गए  थे लेकिन राजस्व महकमे की मनमानी जिलाधिकारी महोदय पर भी भारी पड़ गई राजस्व महकमे में जिला अधिकारी महोदय के आदेश को ताक पर रखकर उनके निर्देशों का अनुपालन ही किया है


गो आश्रय केंद्र पर नजर डालें तो तहसील हैदर गढ़ के जमीन हुसैनाबाद में बड़ी मशक्कत के बाद गौ आश्रय केंद्र का निर्माण किया गया तो वही उक्त ग्राम पंचायतों में सरकारी भूमि पर किसी भी  राजस्व कर्मी की नजर नहीं पड़ी ना ही गो आश्रय केंद्र के लिए भूमि ही चिन्हित की गई  गो आश्रय केंद्र ना बनाए जाने के चलते सभी ग्राम पंचायतों में आवारा पशुओं की भरमार है

आए दिन रतजगा करते हुए किसान आवारा पशुओं से अपनी फसलों को बचाने के लिए खेतों में छप्पर और मचान बनाकर रखवाली करते हुए देखे जा रहे हैं आवारा पशुओं का इतना आतंक है कि किसान की धान की फसल आवारा पशु चट कर रहे हैं   ।



इनसेट-------




 एक दर्जन ग्राम पंचायतों से अधिक गांव में आवारा पशुओं के आतंक से परेशान है किसान ----




 आवारा पशुओं के आतंक से ग्राम पंचायत चिरैया बलीपुर सराय कुंडवा     बलीगेरावा    गेराँवा   
 शुकुलपुर   बमहरौली  आइमा   टिकरहुआँ   हरचंदपुर सोइना रोहना मीरापुर        शहरीइस्लामपुर    रामपुर चौबीसी ओहरा मऊ   समेत आलापुर चकौरा मीननगर   शरीफाबाद गुलामा बाद    सहित कई ग्राम पंचायत मैं आवारा पशुओं का आतंक है आवारा पशु के आतंक से किसान काफी परेशान है   आवारा पशुओं पर अंकुश लगाने के लिए शासन और प्रशासन द्वारा कोई भी इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं जो गो आश्रय केंद्र भी बनाए गए हैं वह पूरी तरह से भरे हुए हैं  ।



 क्या कहते हैं जिम्मेदार ---


तहसील हैदरगढ़ के सुबेहा परगना के राजस्व निरीक्षक से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी द्वारा जमीनों की पैमाइश के लिए दिशा निर्देश मिलेगा तो पैमाइश करा कर सरकारी भूमि खाली कराई जाएगी

दूसरी ओर उप जिलाधिकारी     हैदरगढ योगेंद्र कुमार से मोबाइल पर संपर्क साधा गया तो उनसे वार्ता नहीं हो सकी है     ..।

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