अक्षयमेल समाचार
रायबरेली जहां एक और नगरीकरण को लेकर को लेकर रेल कोच के कर्मचारी महीनों से हड़ताल पर हैं और निगमीकरण का विरोध कर रहे हैं वही ताजा मामला वहां पर का ट्रैक्टर के रूप में काम कर रहे मोहम्मद शब्बीर का प्रकाश में आया है मोहम्मद शब्बीर ने बताया कि 1 साल पहले मरम्मत कार्य कराया गया था जो तकरीबन सात लाख रुपए का था लेकिन अभी तक भुगतान के रूप में सिर्फ ढाई लाख रुपए की धनराशि ही भुगतान के रूप की गई है और मैं 1 साल से लगातार रेल कोच के चक्कर लगा रहा हूं लेकिन मेरे द्वारा कराए गए कार्य का भुगतान नहीं कराया जा रहा है जबकि इसकी शिकायत रेल कोच के आला अधिकारियों को भी दी जा चुकी है और जिस संस्था के लिए मैंने काम किया था उनके द्वारा दिए गए चेक भी बाउंस हो चुके हैं जिसका मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है फिर भी रेल कोच के आला अधिकारी उस संस्था पर ना तो कोई कार्यवाही कर रहे हैं और ना ही मेरे द्वारा कराए गए कार्य का भुगतान करवा रहे मेरी आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो चुकी है जिसकी शिकायत मैंने रेल कोच के जीएम तक से की है लेकिन अभी तक कार्यवाही के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही दिया जा रहा है

0 टिप्पणियाँ