पशु आश्रय स्थल को आधा अधूरा बनवाकर की गई खानापूर्ति


पशु आश्रय स्थल को आधा अधूरा बनवाकर की गई खानापूर्ति


अक्षय मेल समाचार


 पंकज शुक्ला



बाराबंकी पशु आश्रय स्थल बनकर तैयार भी नहीं हुआ था।कि विगत दिनों में हुई बरसात में आश्रय स्थल के चारों तरफ खुदाई कराकर बनाई गई खाई बह गई।जो मिट्टी खुदाई कर जहां से उठाई गई थी वह मिट्टी वहीं पर फिर पहुंचकर पट गई।देखने से ऐसा प्रतीत होता है कि वहां पर अच्छे ढंग से कार्य नहीं कराया गया।सिर्फ आश्रय स्थल बनाने में खानापूर्ति की गई।मनमानी ढंग से कार्य कराया गया बरसात तो होना ही था सबकुछ बरसात में वहजानें का बहाना मिल गया।मामला विकासखंड पूरेडलई के ग्राम सभा सरायसैफ का है।जहां पर स्थित सैकड़ों बीघा चरागाह एवं वृक्षारोपण की भूमि में तहसील प्रशासन व जिला प्रशासन प्रदेश सरकार के आदेशानुसार पशु आश्रय स्थल बनाने का आदेश ग्राम प्रधान सरायसैफ को मिला था।ग्राम प्रधान ने उक्त आश्रय स्थल को बनाने में मनमानी ढंग से कार्य को कराया मजदूरों से न करा कर सौ प्रतिशत मशीन के माध्यम से खुदाई एवं पटाई का कार्य कराया पशु आश्रय स्थल के चारों तरफ मशीन से खुदाई कर बनाई खाई की सही एवं सुचारू रूप से पटाई न होने के कारण विगत दिनों में हुई हल्की बारिश में खुदाई कर चारों तरफ गहरा नाला में सब कुछ पट गया।सरकारी योजना के धन की बर्बादी ग्राम प्रधान द्वारा किया गया।सूत्रों की माने तो उक्त आश्रय स्थल के निर्माण को लेकर ग्राम प्रधान ने कमाई का जरिया बना लिया था।सूत्र बताते हैं।कि उक्त आश्रय स्थल में निर्माण के लिए मनरेगा योजना के तहत कराया गया।आश्रय स्थल निर्माण के संबंध में ग्राम पंचायत अधिकारी कुछ बता पाने में असमर्थ हैं।

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