रेल लाइन पर अंडरपास में जल भराव से कंजास बना टापू। जिम्मेदार बने अंजान


रेल लाइन पर अंडरपास में जल भराव से कंजास बना टापू।



मुसाफिरखाना ,अमेठी ।लखनऊ वाराणसी रेल लाइन पर कंजास गॉव के समीप बने अंडरपास में भारी जल जमाव हो जाने से स्थानीय लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। विभागीय अधिकारियों की उदासीनता व ठेकेदार की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को बीते रविवार से भुगतना पड़ रहा है ।लोगों को आवागमन के साथ ही रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए दूर के चक्कर लगा कर घर पहुंच पा रहे है।

मुसाफिरखाना विकास खंड मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर पश्चिम कादू नाला के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बसा गॉव कंजास का पूरे मुराइन का पुरवा समुद्री टापू बन गया है ।कंजास गॉव के दक्षिण से रेल लाइन व राष्ट्रीय राजमार्ग दोनों होकर गुजरते है ।राष्ट्रीय राजमार्ग फोर लेन में तब्दील होने के साथ रेल लाइन के दोहरीकरण के साथ ही रेल विभाग ने ज्यादातर क्रासिंग बन्द कर के लोगों की सुविधा के लिए अंडरपास बनाकर आवागमन को सुचारू रूप से जारी रखने की बात कही ।इसी क्रम में कंजास ग्राम सभा के मुराइन का पुरवा के दक्षिण में एक अंडरपास का निर्माण कार्य विभागीय देख रेख में कराया गया ।किन्तु निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार व विभागीय जिम्मेदार अधिकारियों की मिली भगत से बड़ी लापरवाही कर दी गई जिसके खामियाजा गॉव वाले भुगत रहे है ।रविवार को मानसून की पहली बारिश शुरू होने के बाद अंडरपास में भारी मात्रा में जल भराव हो गया ।कमर की ऊंचाई तक जल भराव होने से छात्र छात्राओं को समय से विद्यालय पहुंचना मुश्किल हो रहा है ।गॉव के लोगो को खेती बाड़ी के काम से बाहर आने जाने के लिए पांच किलोमीटर का चक्कर काटना पड़ रहा है ।लोग पैदल ही कमर तक पानी में घुसकर सिर पर खाद की बोरियां ढोने को मजबूर है ।क्योंकि किसानों के लिए करो या मरो की स्थिति पैदा हो गयी है ।खुद का ट्रैक्टर होने के बाद भी लोग दूसरों के ट्रेक्टर से जुताई को विवश हो गए है ।कारण की खुद का तो अब अंडरपास के नीचे से निकलना सम्भव नही है ।लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए किसी तरह पगडंडियों से होकर गुजर रहे है ।अंडरपास में भारी मात्रा में पानी जमा होने की आशंका के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों ने नजर इनायत नही की ।समय रहते जल निकासी की समुचित व्यवस्था नही की गयी जबकि जल निकासी के लिए लायी गयी पाइप बड़ी संख्या में आसपास पड़ी है ।

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