सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनीकोडर स्वास्थ्य के मामले मे नंबर वन।

पंकज शुक्ला

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनीकोडर अधीक्षक स्वयं देखते मरीजों को।

रामसनेहीघाट बाराबंकी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामसनेहीघाट में मरीजो को समुचित उपचार देने के लिए केंद्र अधीक्षक डॉ संदीप तिवारी खुद ओपीडी में बैठकर मरीजो का उपचार कर सरकार की मंशा को सफल बनाने का प्रयास कर रहे है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामसनेहीघाट जिले में अपनी अलग पहचान बनाये हुए है, यहां पर प्रतिदिन सैकड़ो मरीजो का उपचार किया जाता है, जो सुबिधाये मरीजो को नही मिल पा रही थी वह सभी सुबिधाये केंद्र पर अधीक्षक डॉ संदीप तिवारी की तैनाती के बाद मरीजो को मिलने लगी है, हर सप्ताह चिकित्सको के साथ बैठक कर सरकार की मंशानुसार कार्य करने के निर्देश देते रहते है, वार्डो में बिजली, पंखा, साफ सफाई देखने योग्य है, अस्पताल के वार्ड में भर्ती होने के बाद मरीजो को कोई दिक्कत न हो इसके लिए अधीक्षक खुद मरीजो से हाल चाल जाना करते है, अस्पताल में अगर साफ सफाई व अन्य सुविधाओ के बारे में बात किया जाय तो मरीजो व तीमारदारों के लिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए अधीक्षक ने वाटर कूलिंग मशीन लगवा दी है जिससे मरीजो को गर्मी के मौशम में पानी पीने की कोई दिक्कत न हो, साफ सफाई के साथ अन्य रख रखाव के लिए सीएचसी रामसनेहीघाट अधीक्षक डॉ संदीप तिवारी के प्रयास से लगातार एक एक लाख का दो बार पुरस्कार पा चुकी है, अस्पताल में हो रही अन्य गतिविधियो पर नजर रखने के लिए अधीक्षक ने तीसरी आंख(सीसीटीवी) के 6 कैमरे लगवाकर अस्पताल की देख रेख कर रहे है, इतना ही नही केंद्र अधीक्षक अस्पताल परिसर में अपने परिवार के साथ निवास कर रात में भी मरीजो का उपचार कर सरकार की मंशा को सफल बनाने का प्रयास कर रहे है। अभी बिगत माह जिले की नोडल अधिकारी अनीता भटनागर जैन ने सीएचसी रामसनेहीघाट का निरीक्षण कर अस्पताल के रख रखाव साफ सफाई देखकर अधीक्षक की प्रशंसा की थी,। इस संबंध में केंद्र अधीक्षक डॉ संदीप तिवारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य है कि मरीजो को सरकार की मंशानुसार स्वास्थ्य सुबिधाये उपलब्ध कराई जाए, उन्होंने कहा कि अस्पताल में लगभग सभी दवाईयां मौजूद है इस लिए कोशिस यही रहती है कि किसी भी मरीजो को कोई दिक्कत न हो, हाईवे पर सीएचसी होने के कारण दुर्घटना के घायल अधिक आते है उनका भी समुचित उपचार किया जाता है ज्यादा दिक्कत मरीज को होने पर जिला अस्पताल भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीजो को कोई दिक्कत न हो इसके लिए अस्पताल परिसर में ही निवास भी करता हूं, अस्पताल में अपने मरीज को दिखाने आये चंद्रेश का कहना है कि अस्पताल में समुचित उपचार मिला है मरीज को, ओम अपनी दादी का उपचार कराने आये थे जब इनसे अस्पताल से मिलने वाली सुबिधाओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वह अपनी दादी को दुबारा दिखाने आये है उनका कहना था कि अस्पताल की दवाई से ही उनकी दादी की बीमारी में काफी सुधार है। लव कुमार अपने मरीज को दिखाने आये थे उन्होंने बताया कि अस्पताल में आंख का उपचार करने के लिए कोई डॉक्टर नही है और न ही अल्ट्रासाउंड मशीन ही है जिससे मरीजो को काफी दिक्कतें होती है, इस संबंध में अधीक्षक ने कहा कि जल्द ही जो सुबिधाये अस्पताल में मौजूद नही है उसकी मांग उच्चाधिकारियो से की जाएगी।

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