तिलोई/अमेठी
उत्तर प्रदेश सरकार की छवि को धूमिल करने मे कर्मचारियो द्वारा कोई कोर कसर नही छोड़ रहे है। जहाँ एक तरफ सरकार जनता की समास्याओ का निस्तारण को लेकर कटिबद्ध है। तो वही उनके कर्मचारी सरकार की बदनामी कराने पर उतारू है। सरकार के आदेश को हवाहवाई साबित करने मे लगे है। मामला तहसील क्षेत्र के दो राजस्व कर्मियों से जुड़ा है। जहा पर तैनात तेजतर्रार उपजिलाधिकारी सुनील कुमार त्रिवेदी ने दो लेखपालों को निलम्बित कर दिया है। दोनो लेखपालों के कारनामे अजीबोगरीब है।लेखपाल राम समुझ निरन्तर एक माह से अनुपस्थित चल रहे है जिससे जनसमास्याओ का समय से निस्तारण नही हो रहा था।और काश्तकारों को परेशानी हो रही थी उसके साथ साथ मनमाना कार्य कर रहे थे। तो वही वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने पीढ़ी गाँव के एक जिन्दा व्यक्ति को मृतक दिखाकर गलत वरासत दर्ज कर दिया।मामला उपजिलाधिकारी सुनील कुमार त्रिवेदी के चौखट पर पहुंचा वहीँ मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने दोनो लेखपालों को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया है। जिससे तहसील कर्मचारियो मे हड़कम्प मचा हुआ है।उन्होने कहा जिम्मेदारी से कर्मचारी कार्य करे लापरवाही कतई बर्दाश्त नही की जाएगी।सरकार जनता के हितो हो ध्यान मे रख कर कार्य कर रही है।
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