शुकुल बाजार अमेठी श्रम दिवस के साथ जल संरक्षण जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है जिसमें विकासखंड के समस्त ग्राम विकास अधिकारी एवं राजस्व लेखपाल के साथ समस्त प्रधान प्रतिनिधियों ने भाग लिया
इसी कड़ी में जल संरक्षण जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि वातावरण देखते हुए जल को एक स्थान पर रोकने के उपाय बताए जा रहे हैं जिससे पर्यावरण सुरक्षित रहे
श्रमदान से कोई भी काम आसानी से पूरा किया जा सकता है काम कितना भी बड़ा क्यों ना हो श्रमदान से राह आसान हो जाती है श्रमदान की शुरुआत 1953 मे हुई इस काम में सभी लोग निस्वार्थ भाव से शामिल होते हैं आज के दिन सभी लोगों को गांव समाज के लिए काम करना चाहिए श्रमदान का कोई मोल नहीं होता
'जल संरक्षण को बनाएं जन आंदोलन'
नए भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध सरकार 'हम भाग्यशाली हैं कि ईश्वर ने देश को पर्याप्त वर्षा जल प्रदान किया है। ईश्वर की इस भेंट का आदर करना हमारा कर्तव्य है। इसीलिए बारिश का मौसम प्रारंभ होने से ऐसे इंतजाम करने हैं कि पानी का ज्यादा से ज्यादा संचयन किया जा सके।' पीएम ने खेतों की मेढ़बंदी, तालाबों की खोदाई, सफाई, पौधरोपण, जलाशय आदि हम ऐसा कर पाए तो न केवल पैदावार बढ़ेगी, बल्कि हमारे पास जल का भंडार होगा, जिसका दूसरे कार्यों में भी सदुपयोग हो सकेगा।
जैसे आपने स्वच्छता अभियान को व्यापक जनांदोलन बनाया, इसी तरह इस अभियान को भी जनांदोलन बनाने में अपना सहयोग करें।
सिंचाई टैंकों के निर्माण, खेत तालाबों के निर्माण, नहर नेटवर्कों के सुधार जैसे उपायों को बढ़ावा देने के निर्देश भी अभियान में दिए गए हैं। इसके लिए मनरेगा के फंड का इस्तेमाल करने का भी सुझाव शासन ने अधिकारियों श्रम दिवस के साथ लोगो को जल संरक्षण के लिए जागरूक किया गया
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