प्रशासन को इंतजार है बाराबंकी जैसी घटना का गांव गांव कच्ची शराब का धंधा सिस्टम अंधा तराई में धधक रही शराब की भठियां शुकुल बाजार अमेठी बाराबंकी में सरकारी ठेके की दुकान में शराब पीकर मरने वाले की संख्या बढ़ती जा रही है यह तो केवल उत्तर प्रदेश के 1 जिले की बानगी है जिस की पोल खुली है अमेठी जनपद के शुकुल बाजार विकासखंड क्षेत्र के तराई इलाकों में भठियां अपनी रौ ब जमाए देखे जा सकते हैं अवैध शराब की निर्माण कुटीर उद्योग का रूप ले रही हैं लेकिन आबकारी विभाग इन अवैध शराब की भठ्ठी यो वह उसके निर्माण पर अंकुश लगाने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है ग्रामीण क्षेत्रों से सटे गांव में अवैध शराब बनाने का धंधा बदस्तूर जारी है कुटीर उद्योग का रूप ले चुकी शराब की अवैध भठियां इस बात की गवाही दे रही है कि राज्य सरकार द्वारा अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाने का निर्देशों का कोई असर नहीं है थाना क्षेत्र के पूरे निदा उ रे र मऊ पा सिन पुरवा पूरे मल्हन मवैया नटपुरवा दखिन गांव सहित क्षेत्र के दर्जनों गांव में महुआ महारानी का बोलबाला है कच्ची शराब के लिए कुख्यात है 4 साल पहले अभियान चलाया गया था जिसके बावजूद आज तक धंधा नहीं बंद हुआ महा कामा चेत नहीं रहा है 2015 में हुए पंचायत चुनाव के दौरान भी बाजार शुकुल के महोना में नकली शराब ने कई लोगों की जानें गई थी लगातार घटनाओं के बाद भी आबकारी महा कामा क्षेत्र नहीं रहा है यूरिया व स्प्रेड से बनने वाली शराब लोगों को मौत के तरफ ले जा रही है फिर भी आ बकारी विभाग इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा जब इटाबाराबंकी जैसे घटना घटित होते हैं और शासन की तरफ से कार्रवाई के निर्देश दिए जाते रहे हैं विभाग छापेमारी का नाटक करता है और प्लास्टिक की 5 लीटर की ग्लेन मैं 4 लीटर पानी 1 लीटर शराब मिलाकर सीज करने का दावा करता है विभाग द्वारा बताया जाता है कई स्थानों से कुंटल ओ लहान नष्ट करते हुए भारी मात्रा में शराब बरामदगी दिखाई जाती है लेकिन विभिन्न क्षेत्रों में बन रही अवैध शराब कुछ और ही बयां कर रही हैं

शुकुल बाजार अमेठी बाराबंकी में सरकारी ठेके की दुकान में शराब पीकर मरने वाले की संख्या बढ़ती जा रही है यह तो केवल उत्तर प्रदेश के 1 जिले की बानगी है जिस की पोल खुली है अमेठी जनपद के शुकुल बाजार विकासखंड क्षेत्र के तराई इलाकों में भठियां अपनी रौ ब जमाए देखे जा सकते हैं अवैध शराब की निर्माण कुटीर उद्योग का रूप ले रही हैं लेकिन आबकारी विभाग इन अवैध शराब की भठ्ठी यो वह उसके निर्माण पर अंकुश लगाने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है ग्रामीण क्षेत्रों से सटे गांव में अवैध शराब बनाने का धंधा बदस्तूर जारी है कुटीर उद्योग का रूप ले चुकी शराब की अवैध भठियां इस बात की गवाही दे रही है कि राज्य सरकार द्वारा अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाने का  निर्देशों का कोई असर नहीं है थाना क्षेत्र के पूरे निदा उ रे र मऊ पा सिन पुरवा पूरे मल्हन मवैया नटपुरवा दखिन गांव सहित क्षेत्र के दर्जनों गांव में महुआ महारानी का बोलबाला है कच्ची शराब के लिए कुख्यात है 4 साल पहले अभियान चलाया गया था जिसके बावजूद आज तक धंधा नहीं बंद हुआ महा कामा चेत नहीं रहा है 2015 में हुए पंचायत चुनाव के दौरान भी बाजार शुकुल के महोना में नकली शराब ने कई लोगों की जानें गई थी लगातार घटनाओं के बाद भी आबकारी महा कामा क्षेत्र नहीं रहा है यूरिया व स्प्रेड से बनने वाली शराब लोगों को मौत के तरफ ले जा रही है फिर भी आ बकारी विभाग इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा जब इटाबाराबंकी जैसे घटना घटित होते हैं और शासन की तरफ से कार्रवाई के निर्देश दिए जाते रहे हैं विभाग छापेमारी का नाटक करता है और प्लास्टिक की 5 लीटर की ग्लेन मैं 4 लीटर पानी 1 लीटर शराब मिलाकर सीज करने का दावा करता है विभाग द्वारा बताया जाता है कई स्थानों से कुंटल ओ लहान नष्ट करते हुए भारी मात्रा में शराब बरामदगी दिखाई जाती है लेकिन विभिन्न क्षेत्रों में बन रही अवैध शराब कुछ और ही बयां कर रही हैं

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