बीएसए कार्यालय अमेठी में भ्रष्टाचार चरम पर, अध्यापकों के सत्यापन एवं वेतन जारी करने के लिए मांगे जा रहे हैं 5000 ।। सुबिधा शुल्क प्राप्त लगभग 50 लोगों की सत्यापन पत्रावली अपडेट शेष ठंढे बस्ते में पैक। 41556/68500 शिक्षक भर्ती का है मामला।

बीएसए कार्यालय अमेठी में भ्रष्टाचार चरम पर, अध्यापकों के सत्यापन एवं वेतन जारी करने के लिए मांगे जा रहे हैं 5000 ।।
सुबिधा शुल्क  प्राप्त लगभग 50 लोगों की सत्यापन पत्रावली अपडेट शेष ठंढे बस्ते में पैक। 41556/68500 शिक्षक भर्ती का है मामला।

अक्षय मेल,अमेठी ।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमेठी विनोद मिश्र ने अपनी जिले में आमद करने के बाद 41556/ 68500 भर्ती में विद्यालयों के आवंटन में जहां पारदर्शिता दिखाते हुए अध्यापकों के सुविधा तथा हित को देखते हुए उनके मनचाहे विद्यालयों में नियुक्ति दी थी इससे यह संदेश दिया था कि श्री मिश्र के समय में शिक्षा व्यवस्था ठीक-ठाक रहेगी शिक्षकों से कोई अवैध धन उगाही नही होगी लेकिन हाल में ही एक बड़े भ्रष्टाचार का मामला प्रकाश में आया है की सत्यापन संबंधित बाबू राजेश कुमार अध्यापकों से सत्यापन हेतु 5000 दो किस्तों में ढाई -ढाई हजार इसमें ढाई हजार रुपे सत्यापन भेजने के समय तथा ढाई हजार सत्यापन आने के उपरांत वेतन आदेश जारी करने के लिए खुलेआम मांग रहा है। यहां बताना यह जोड़ी होगा कि उपरोक्त बाबू भ्रष्टाचार के मामले में एक बार निलंबित होकर जिलाधिकारी कार्यालय से भी संबद्ध हुआ था।
बताते चलें कि इसी भर्ती के सत्यापन एवं वेतन आदेश जारी करने के लिए संबंधित अध्यापकों से खुलेआम ₹5000 की डिमांड कर रहा है यही नहीं डिमांड की बात तो दीगर है लेकिन पता चला है कि पूरे जनपद के लगभग 50 अध्यापकों का सत्यापन फाइल अपडेट कर सत्यापन के लिए भेजी जा चुकी है शेष अध्यापकों का सत्यापन पत्रावली अलमारी में धूल फांक रही है । यह निश्चित ही सिद्ध करता है कि पूरे जनपद में 50 लोगों का ही  संबंधित बोर्डो को भेजे जाना धन उगाही की बात को सिद्ध करता है। अमेठी में लगभग 370 अधयापकों की नियुक्ति हुई है यदि हम 370 अध्यापकों को 5000 के हिसाब से जोड़े तो लगभग 1800000 की धनराशि का मामला प्रकाश में आया है । इतनी व्यापक स्तर पर धनवाही एक ईमानदार बीएसए के नाक के नीचे हो रही है यह बात अपने आप में विरोधाभास है।

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