उपेक्षा का शिकार व मूलभूत सुविधाओं से वंचित पनियार पावर हाउस।
बल्ब की रोशनी के भरोसे चलाया जा रहा फीडर रूम।
अक्षय मेल समाचार
शाहगढ़-अमेठी(ब्यूरो):-
दूसरों के घर को रोशनी देने वाला पावर हाउस खुद अंधेरे में है, जिसके कर्मी सिर्फ अपनी ड्यूटी कर्तव्य का निर्वहन कर रहे है। जिनका कोई भी सुनने वाला नही है। मामला पनियार पावर हाउस का है जहाँ जर्जर आवास है, पीने के लिए पानी 500 मीटर दूर से लाना पड़ता है। इतना ही नही परिसर में न तो बाउंड्रीवाल है न ही जलने के लिए कोई लाइट। फीडर रूम में ही एक बल्ब है जिसके सहारे क्षेत्र में निर्बाध बिजली की सप्लाई की जा रही है। बिजली का बिल या किसी काम से पावर हाउस आये लोगो को भी पीने का पानी नसीब नही हो पाता। जबकि इन्ही के बिल से पावर हाउस चल रहा है।
रिपोर्ट:-राम केवल यादव
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