फर्जी मान्यता पर चल रहा था स्कूल, बी ई ओ के निरीक्षण में खुली पोल, बंद करने का आदेश।

फर्जी मान्यता पर चल रहा था स्कूल, बी ई ओ के निरीक्षण में खुली पोल, बंद करने का आदेश।
अभय प्रताप यादव जिला ब्यूरो।
मुसाफिरखाना अमेठी। बेसिक शिक्षा विभाग की आंखों में धूल झोंक कर चल रहे एक निजी विद्यालय की बुधवार को खंड शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण में पोल खुल गई। मामला बाबा पुरुषोत्तम दास शिक्षण संस्थान उमामिश्र पुर का है।
बताया जाता है कि इस विद्यालय को बेसिक शिक्षा विभाग से कक्षा 1 से 5 तक एनसीईआरटी की पुस्तकों को पढ़ाने के लिए मान्यता प्राप्त है, लेकिन मौके पर मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही थीं।

बुधवार को खंड शिक्षा अधिकारी मुसाफिरखाना सतीश सिंह ने विद्यालय का निरीक्षण किया तो खामियां ही खामियां नजर आईं। मान्यता प्राप्त संस्थान में नौनिहाल टीन शेड के नीचे बैठकर पढ़ने को मजबूर मिले। न तो भवन मानक के अनुरूप है और न ही कोई बुनियादी सुविधा।
सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा यह कि विद्यालय के पास मान्यता केवल प्राथमिक स्तर तक की है, लेकिन मौके पर कक्षा 12 तक की कक्षाएं धड़ल्ले से संचालित होती पाई गई लेकिन बच्चों को पढ़ाने के लिए कोई अध्यापक मौजूद नहीं था। यही नहीं, प्राथमिक स्तर में बच्चों को एनसीईआरटी की किताबें न पढ़ाकर अन्य प्राइवेट प्रकाशनों की महंगी किताबें पढ़ाई जा रही थीं। आरोप है कि इसी बहाने विद्यालय प्रबंधन और पुस्तक विक्रेता मिलीभगत कर अभिभावकों से मोटी रकम वसूल रहे हैं। जो देश के नौनिहालों के साथ धोखा है जिससे सैकड़ों बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।

लगभग 400 बच्चों वाले इस विद्यालय में निरीक्षण के दौरान सिर्फ दो से तीन अध्यापक ही मौजूद मिले, जो घोर लापरवाही और अनियमितता की श्रेणी में है।

दूरभाष पर खंड शिक्षा अधिकारी सतीश सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया विद्यालय में भारी अनियमितता मिली है। विद्यालय को तुरंत बंद करने और मान्यता के विरुद्ध कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा रही है।

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