अमेठी में भैंसों के जवाबी हमले से आदमखोर तेंदुए का का हुआ अंत।वन विभाग, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम रेस्क्यू करने में फेल।

अमेठी में  भैंसों के जवाबी  हमले से आदमखोर तेंदुए का का हुआ अंत।

वन विभाग, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम रेस्क्यू करने में फेल।
अक्षय मेल समाचार अमेठी।
उत्तर प्रदेश का अमेठी इन दिनों एक जंगली जानवर तेंदुआ को लेकर काफी चर्चा में है। शनिवार को सुबह दस बजे के आस जंगली जानवर के हमले से दो लोगों के घायल होने की सूचना मिली।हमला करने के बाद जंगली तेंदुआ की धर पकड़ के साथ घायलों को इलाज के लिए भर्ती अस्पताल में भर्ती करा दिया गया।इधर प्रशासन को को भी सूचना दी गई।वन विभाग की टीम और प्रशासनिक टीम के अधिकारी मौके पर जंगली जानवर को रेस्क्यू करने के लिए पहुंच गए।मामला जंगली जानवर द्वारा आम नागरिकों के ऊपर हमले का था। लिहाजा और संवेदनशील हो गया। दिन भर वनविभाग के अधिकारी रेस्क्यू करते रहे। ग्रामीण भी अदम्य साहस का परिचय देते हुए उनके सहयोग में लगे रहे।यह खेल होते हुए रात हो गई।अब तक तेंदुआ गांव में लोगों के घरों में तांडव मचाता रहा।आम नागरिकों द्वारा तेंदुआ का वीडियो बनाया जाता रहा। मीडिया का भी हुजूम मौके पर देखने को मिला।तेंदुआ सुर्खियों में आ गया।

सुबह पता चला कि लगभग 60 किमी प्रतिघंटा की स्पीड से भगाने में सक्षम, चुपके से शिकार करने में चालाक और लचीला शिकारी काल गाल में समा गया है।बताया जा रहा है कि जिस शक्तिशाली,चालक तेंदुए को वन विभाग, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम रेस्क्यू करने में फेल रही। वह भैंस के हमले में घायल हो कर काल के गाल में समा गया।  सुबह जब तेंदुए का अन्तिम संस्कार किया जा रहा था।तब आम खास सहित तमाम लोग तेंदुए के सम्मान में मौजूद थे।

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