सामाजिक सौहार्द के प्रतीक एवं प्रासंगिक हैं संत कबीर - प्रो अनूप कुमार।
वि वि द्वारा 50 वें स्थापना दिवस के अवसर पर निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित।
अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में दिनांक 13 फरवरी 2025 को विश्वविद्यालय के 50वें स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर साहित्य गतिविधि समिति द्वारा "वर्तमान परिप्रेक्ष्य में संत कबीर की प्रासंगिकता" विषय पर एक निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। समिति के संयोजक प्रो अनूप कुमार ने बताया की इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को संत कबीर के विचारों एवं शिक्षाओं को आधुनिक संदर्भ में समझने, उनके महत्व पर विचार करने और वर्तमान समाज में उनकी प्रासंगिकता पर विमर्श करने के लिए प्रेरित करना था।उन्होंने साहित्य गतिविधि समिति के सदस्यों व सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि “संत कबीर सामाजिक सौहार्द के प्रतीक माने जा सकते हैं इसलिए आज के सन्दर्भ में वे बड़े प्रासंगिक हैं।” .
डी एस डबल्यू प्रो नीलम पाठक ने कहा कि संत कबीर ने अपने दोहों के माध्यम से समाज में व्याप्त कुरीतियों, पाखंड और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई थी।
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