समारोह की मुख्य अतिथि उ. प्र. हिन्दी संस्थान,लखनऊ की अमिता दुबे एवं विशिष्ट अतिथि संजय गाँधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान,लखनऊ की डॉ नीमा पंत रहीं। बुन्देली भाषा के सुप्रसिद्ध कवि डॉ शिव मंगल सिंह मंगल के कुशल संचालन व कृति कार प्रवीण पाण्डेय की वाणी वन्दना से समारोह का शुभारंभ हुआ।
पुस्तक लोकार्पण के उपरांत मंचासीन पद्मश्री डॉ विद्याव विंदु सिंह, डॉ अमिता दूबे व डॉ नीमा पंत को माल्यार्पण शाल्यार्पण , मेडल एवं सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुस्तक परिचर्चा में अनागत कविता आन्दोलन के प्रवर्तक डॉ अजय प्रसून, वी बी पाण्डेय, डॉ नीमा पंत, डॉ अमिता दूबे, डॉ विद्या विंदु सिंह आदी ने अपने अपने विचार व्यक्त किये।
इस अवसर पर समारोह में उपस्थित सभी साहित्यकारो को अनागत सहयात्री सम्मान से सम्मानित किया गया। कृतिकार प्रवीण पाण्डेय को अखिल भारतीय अनागत साहित्य संस्थान, लखनऊ द्वारा अनागत मार्तंड सम्मान, माल्यार्पण एवं शाल्यार्पण कर प्रदान किया गया। साथ ही पंडित राम तेज आध्यात्मिक संस्था की ओर से उमाशंकर तिवारी एवं सुधीर कुमार श्रीवास्तव द्वारा डॉ अमिता दुबे एवं प्रवीण पाण्डेय को सम्मानित किया गया । समारोह में पद्मश्री विद्या विंदु सिंह, अमिता दुबे, नीमा पंत, डॉ अजय प्रसून, वी बी पाण्डेय, शिव मंगल सिंह मंगल, पंडित बेअदब लखनवी, महेश अस्थाना, सत्येन्द्र तिवारी, उपेन्द्र बाजपेई, खालिद हुसैन, राजीव वत्सल, निर्मल पाण्डेय, सुधीर कुमार श्रीवास्तव, उमा शंकर तिवारी, अतीक कासगंजवी, विनीत श्रीवास्तव, कुंवर आनंद श्रीवास्तव, उमा मणि लखनवी, नीतू श्रीवास्तव, ऋषी श्रीवास्तव, आकाश श्रीवास्तव, श्री कांत त्रिवेदी प्रांजल, अभय तिवारी, मोहित तिवारी अंकित पाण्डेय, शाश्वत पाण्डेय, आलोक कुमार दुबे, प्रतिभा श्रीवास्तव, प्रमोद श्रीवास्तव, अनिल किशोर शुक्ल निडर, डॉ कुसुम चौधरी, सौरभ कांत बाजपेई, शीला वर्मा मीरा, श्रीकांत बाजपेई, डॉ शिव मंगल सिंह मंगल, राजीव वत्सल सहित अन्य मनीषी समारोह में उपस्थित रहे।


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