बैठक में जिलाधिकारी द्वारा विद्युत, आबकारी, खनन विभाग, व्यापार कर सहित विभिन्न विभागों के राजस्व की समीक्षा करते हुए इसे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने खनन अधिकारी को निर्देश दिया कि योजना बनाकर सम्बंधित तहसील के उपजिलाधिकारी एवं थानों से समन्वय करते हुए वसूली की कार्यवाही करें। विद्युत विभाग एवं मंडी को भी प्रवर्तन की कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी द्वारा विद्युत वितरण खंड की इकाइयों में कम आरसी वसूली किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की गई और निर्देश दिया कि सबस्टेशन वार समीक्षा की जाए और आरसी वसूली को बढ़ाया जाए। व्यापार कर एवं आबकारी विभाग द्वारा भी लक्ष्य के सापेक्ष कम राजस्व अर्जित होना पाया गया इस पर जिलाधिकारी ने सभी विभाग को राजस्व लक्ष्य प्राप्ति हेतु एक रणनीति बनाकर काम करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने समस्त उपजिलाधिकारियों को 05 वर्ष से ऊपर के मुकदमो को प्रतिदिन सुनने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धारा 24 के लंबित मामलों की भी समीक्षा करें। धारा 67 की सुनवाई और निष्पादन में तहसीलदार गंभीरता से कार्य करें और उपजिलाधिकारी इसकी नियमित समीक्षा भी करें।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी साई तेजा सीलम, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राम अक्षयबर चौहान, अपर जिलाधिकारी भू राजस्व गणेश प्रसाद सिंह, समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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