डीएम साहब !एक नजर इधर भी आखिर कब बनेगा इन्हौना रुदौली मार्ग
गड्ढों में ढूंढनी पड़ रही सड़क -
अक्षय मेल शुकुल बाजार अमेठी। क्षेत्र की इन्हौना रुदौली मार्ग की खस्ताहाल हो गईं, कहीं सड़क पर गड्ढे नजर आ रहे हैं, लेकिन कहीं सड़क पर गड्ढे इतने अधिक हो गए हैं कि गिट्टी की समतल सड़क को गड्ढों के बीच खोजना पड़ रहा है, कही-कहीं गड्ढे इतने अधिक हो गए हैं कि सड़क ने तालाब का रूप ले लिया है। विकास की चुगली करती ये सड़क तो लंबे अर्से से खराब हैं परंतु सुधार की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जनता आंदोलन कर चुकी है। जाम लगा चुकी है। अधिकारियों और डीएम तक से फरियाद कर चुकी है। परंतु सड़क नहीं बनीं तो नहीं बनी। इस खस्ताहाल सड़क से गुजरने को विवश हैं गांव के लोग। कई बार इन सड़कों से गुजरते समय दो पहिया वाहन चालक गिरकर चोट खा चुके हैं। अनेक वाहन दुर्घटना के शिकार हो चुके हैं। लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग, जन प्रतिनिधि, अधिकारी और प्रशासन इन सड़कों की मरम्मत नहीं करा रहे हैं। आखिर इस सड़क की सुध कब लेगा प्रशासन ...। गैर जनपद से आने वाले लोगों की नजर में अमेठी जिला वीआईपी होने की वजह से यहां सड़कें भी दुरस्त होने का अंदेशा रहता हैं, लेकिन जिले में प्रवेश करते ही इन राहगीरों के अरमानों पर पानी फिर जाता हैं। क्योंकि जिले में शायद ही एक ऐसी सड़क बची है जो गड्ढे युक्त है। इस सड़क पर कई फुट गहरे गड्ढे हैं, जिन पर गिरकर लोग चुटहिल हो रहे हैं। जिले को गैर जनपद से जोड़ने वाली इन्हौना रुदौली राष्ट्रीय राजमार्ग अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहे हैं। जबकि या मार्ग जिला मुख्यालय से जोड़ने वाला मार्ग है। गड्ढ़ों में बरसात का पानी भर जाने से लोग उसी में गिरकर चुटहिल हो रहे हैं। विकास के नाम पर बड़े-बड़े वादा करने वाले किसी भी जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि का ध्यान इन दुर्दशाग्रस्त सड़क की ओर नहीं जाता हैं।लोगों को ऐसे मार्गों पर यात्रा करने से कब निजात मिलेगी। इन्हीं सवालों की उधेड़बुन में लोग गिरते उठते इन पर चलने को मजबूर हैं। गौरतलब हो कि इन्हौना मार्ग का टेंडर हो चुका है। कितु कार्यदायी संस्था नाली निर्माण व दोनों बगल गिट्टी डालकर बैठ गई है।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे ने बिगाड़ी सूरत :
यहां से निकलने वाले निर्माणधीन पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का सामान ढुलाई करने वाले डंपरों ने इन मार्गों की सूरत ही बिगाड़ दी। कार्यदायी संस्था गायत्री प्रोजेक्ट ने इन मार्गों की हालत पर थोड़ा भी तरस नहीं खाया। मार्ग गड्ढों में बदलते गए और जिम्मेदार अपने काम में ही मस्त रहे। बारिश होने के साथ यहां की सड़कों की हालत बद से बदतर हो गई है।
इनकी भी सुनिए :
कस्बा के मवैया चौराहा निवासी विपिन वैश्य कहते हैं कि सरकार मार्ग कर के नाम पर लाखों रुपये वसूल करती है फिर भी मार्गों का निर्माण नहीं कराती। रामकुमार मौर्य की मानें तो पिछले बीस साल से इस की सड़क का बुरा हाल है। प्रभात कुमार बताते हैं कि यह सड़क आज तक गढ्ढा मुक्त नहीं हुईं। जितेंद्र कुमार कहते हैं कि कभी यहां की सड़कें अच्छी होती थीं। लेकिन, आज इनकी हाल खस्ता है।
जल्द शुरू होगा काम :
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता कुमार गौरव कहते हैं कि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के निर्माण के चलते इस सड़क का हाल ऐसा हुआ है।जल्द ही इनपर काम शुरू होगा और सड़क भी दुरुस्त होंगी।


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