अनाड़ी विचारम, पत्नी भूकंप व सात फेरे बने कानून के घेरे का हुआ लोकार्पण।

 अनाड़ी विचारम, पत्नी भूकंप व सात फेरे बने कानून के घेरे का हुआ लोकार्पण।


हरि प्रसाद यादव (राज्य ब्यूरो अक्षय मेल)। लखनऊ। पत्नी पीड़ित हास्य कवि अनिल अनाड़ी की तीन कृतियों "अनाड़ी विचारम", " पत्नी भूकम्प " व "सात फेरे बने कानून के घेरे" का लोकार्पण नरही के सरस्वती इण्टर कॉलेज प्रांगण में सम्पन्न हुआ। 
मुख्य अतिथि विधायक रविदास मेहरोत्रा, विशिष्ट अतिथि स्वरूप सरकार, डॉ तारिक कमर, अति विशिष्ट अतिथि  जय मंगलेश, मुख्य वक्ता प्रो. मुद्रा सिंह रहे। समारोह की अध्यक्षता आर सी सिन्हा व संचालन डॉ. वाई पी यक्ष ने किया। 
पण्डित बेअदब लखनवी, मनमोहन बाराकोटी, पण्डित विजय लक्ष्मी मिश्रा, डॉ गोबर गणेश, स्वामी. रामानंद सैनी, डॉ शरद पाण्डेय सशांक, राम राज भारती, डॉ सुभाष गुरूदेव, अल्का अस्थाना, राजीव पंत, अनिल किशोर शुक्ल निडर, कन्हैया लाल, कल्याण गोण्डवी, भ्रमर भैंस सवारी, सिद्धेश्वर शुक्ल क्रांति, पत्रकार मृत्युंजय गुप्त आदि साहित्यकारों सहित सैकड़ों लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। 
- पण्डित बेअदब लखनवी

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